
अजमेर। 50 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में अजमेर पुलिस ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी 20 साल से भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था। इतना ही नहीं खुद आरोपी पांच साल से फरारी काट रहा था। 72 साल का पीसी जैन विदेश भागने की फिराक में था। लेकिन, भनक लगते ही अजमेर की गंज पुलिस मौके पर पहुंच गई और हैदराबाद एयरपोर्ट पर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर रखा था।
दरगाह सीओ गौरीशंकर ने बताया कि जयपुर के रहने वाले आरोपी प्रकाशचंद जैन उर्फ पीसी जैन को पुलिस ने सोमवार को हैदराबाद एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वो विदेश भागने की फिराक में था। आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ अजमेर के गंज पुलिस थाने में फॉयसागर रोड निवासी सावत सिंह ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोपी पीसी जैन और पत्नी शशि जैन के खिलाफ अजमेर जिले सहित देशभर में 100 से ज्यादा धोखाधड़ी के केस दर्ज है। आरोपी ने अकेले अजमेर में ही 5 हजार से ज्यादा निवेशकों व एजेंटों को चूना लगाया है। इसके अलावा देशभर में लाखों लोगों से ठगी की है। फिलहाल, ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में आरोपी से पूछताछ जारी है। अभी उसके 6 बैंक अकाउंट के बारे में पता चला है। इन बैंक अकाउंट्स की डिटेल्स ली जा रही है। वहीं, आरोपी के जयपुर स्थित दफ्तरों की भी जांच की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी पीसी चंद जैन ने अपने रिश्तेदार रवि जैन के साथ मिलकर साल 2004 में एक कंपनी बनाई थी। फिर कमीशन का लालच देकर लाखों लोगों को कंपनी से जोड़ लिया था। ठगी के लिए आरोपियों ने जगह—जगह दफ्तर खोल दिए, ताकि किसी लोगों पर विश्वास बना रहे। लेकिन, बाद में दोनों आरोपियों ने कंपनी बंद कर दी और ट्यूलिप ग्लोबल कंप्लीट के नाम से नई कंपनी बनाई। लेकिन, कुछ महीने लोगों से ठगी के बाद इस कंपनी को भी बंद कर दिया। तब तक दोनों आरोपी हजारों लोगों से करोड़ों रुपए ऐंठ चुके थे।
इसके बाद आरोपी पीसी जैन ने गुजरात चला गया और अहमदाबाद में ट्यूलिप ग्लोबल मार्ट के नाम से कंपनी शुरू की। आरोपी ने अपनी पत्नी शशि जैन और रिश्तेदार रवि जैन कंपनी का डायरेक्टर बनाया। फिर धोखाधड़ी के लिए कई दफ्तर खोले। चौंकाने वाली बात ये रही कि आरोपियों ने शहरों की जगह गांवों पर ज्यादा नजर रखी, क्योंकि शहर के लोग कम ही झांसे में फंसने वाले थे। ऐसे में गांव के भोले-भाले लोगों को फंसाना शुरू किया। शुरुआत में 3200 रुपए का निवेश कराकर ब्रांडेड कंपनी का सूट का कपड़ा दिया जाता था। साथ ही निवेशक को 5 साल के इंश्योरेंस की गारंटी भी देते थे।
Published on:
27 Feb 2024 06:32 pm
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