
Ajmer Sharif Dargah Controversy : अजमेर की ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के दरगाह परिसर को ‘भगवान संकट मोचन महादेव विराजमान मंदिर’ बताने व दरगाह कमेटी के अनाधिकृत कब्जे हटाने की मांग को लेकर स्थानीय अदालत में दायर वाद पर मंगलवार को सुनवाई होगी। पूर्व में क्षेत्राधिकार के मुद्दे को लेकर प्रकरण में पेशियां पड़ चुकी हैं। इससे पूर्व 10 अक्टूबर को प्रभावी सुनवाई नहीं हो पाई थी।
हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरिता विहार निवासी विष्णु गुप्ता ने दिल्ली के वकील शशी रंजन सिंह के जरिए अजमेर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर वाद सुनवाई के लिए लगाया, जिसे अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या तीन की अदालत में ट्रांसफर किया गया था। यहां पीठासीन अधिकारी नहीं होने के कारण प्रकरण लिंक मजिस्ट्रेट अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या दो प्रीतम सिंह की अदालत में सुनवाई के लिए भेजा गया।
बाद में क्षेत्राधिकार का मु्ददा आने पर सेशन न्यायाधीश ने गत पेशी में वादी की अर्जी खारिज करते हुए उसे सक्षम अदालत में वाद प्रस्तुत करने को स्वतंत्र बताया। प्रकरण में मंगलवार को सुनवाई होगी। वाद में दरगाह कमेटी व अल्प संख्यक मंत्रालय एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को प्रतिवादी बनाया गया है।
वादी विष्णु गुप्ता ने क्रिश्चयनगंज थाना प्रभारी अरविंद चारण को सोमवार रात लिखित शिकायत दी है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्हाट्सएप नंबर के जरिए रात्रि आठ बजकर 48 मिनट पर कॉल कर मुकदमा वापस नहीं लेने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
Published on:
05 Nov 2024 12:22 pm
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