2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ajmer Weather Update: अजमेर में बरसे बादल, अभी है मौसम विभाग का यलो अलर्ट

शहर और जिले के कई इलाकों में बरसात ने भिगोया। कुछेक जगह चने के आकार के ओले भी गिरे। बरसात होने और ठंडी हवा चलने से राहत मिली।

2 min read
Google source verification
 अजमेर में बरसे बादल, अभी है मौसम विभाग का यलो अलर्ट

अजमेर में बरसे बादल, अभी है मौसम विभाग का यलो अलर्ट

अजमेर. पश्चिमी विक्षोभ का गुरुवार को भी असर बना रहा। सुबह फुहारों ने भिगोया। 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से हवाएं चली। अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें बुधवार के मुकाबले 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो गई।

सुबह से ही घनघोर बादलों ने आसमान पर डेरा जमा लिया। 7.30 बजे से बौछारों का दौर शुरू हुआ। पुष्कर रोड, कोटड़ा, माकड़वाली रोड, वैशाली नगर, पंचशील, शास्त्री नगर, गंज, दरगाह बाजार, मदार गेट, पुरानी मंडी, नया बाजार, आदर्श नगर इलाके में रिमझिम बरसात का दौर चला। बाद में दिनभर धूप निकली। न्यूनतम तापमान 19.9 डिग्री रहा। जिले में शाम 5.30 बजे खत्म हुए 24 घंटे में 18 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई।

पढ़ें यह खबर : तेज हवा के साथ बारिश बनी आफत, रेलकर्मी की मौत, ऑटो रिक्शा चालक जख्मी

अजमेर. पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में फिर बदलाव हुआ। बुधवार दिनभर से मंडराते बादलों ने शाम 7.15 बजे चुप्पी तोड़ी। शहर और जिले के कई इलाकों में बरसात ने भिगोया। कुछेक जगह चने के आकार के ओले भी गिरे। बरसात होने और ठंडी हवा चलने से राहत मिली। अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा चलने और टपका-टपकी से मंगलवार के मुकाबले तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो गई। शहर में 6.1 मिलीमीटर बरसात दर्ज हुई।

नौतपा में गर्मी गायब, आंधी-बारिश, ओले

पश्चिमी विक्षोभ के चलते दो दिन मौसम में कुछ बदलाव नजर आया। आसमान को बादलों की टुकडि़यों ने घेर लिया। हवा में ठंडक होने से लोगों को राहत मिली। शाम 7.15 बजे वैशाली नगर, माकड़वाली रोड, पंचशील, जयपुर रोड, शास्त्री नगर, लोहागल, सिविल लाइंस सहित कई इलाकों में बरसात हुई। सड़कों और नालियों में पानी बह गया। बरसात का दौर रुक-रुक कर रात 9 बजे तक चला।

पढ़ें यह खबर : देखें तस्वीरें.....नौतपा में गर्मी गायब, आंधी-बारिश, ओले

निकटवर्ती गगवाना, गेगल, घूघरा में भी बरसात ने भिगोया। पुष्कर और पीसांगन में चने के आकार के ओले गिरे। सूरज के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने से नौतपा शुरू हो गया है। प्रतिवर्ष नौतपा में सूरज जबरदस्त तपाता है। लू और गर्मी चरम पर होती है।