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अजमेर.
घूसकांड में निलंबित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय का पूर्व कुलपति रामपाल सिंह अभी भी कार्यरत है। वह विवि की राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) की बोर्ड ऑफ गर्वनर्स का अध्यक्ष है। ऐसा हम नहीं बल्कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट बता रही है।
यूजीसी और केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालयों-कॉलेज को शैक्षिक संसाधनों के उन्नयन के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) प्रारंभ किया है। इसके तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय-कॉलेज में एक पृथस सेल गठित हैं। इनकी बोर्ड ऑफ गर्वनर्स संबंधित संस्थानों के कुलपति/प्राचार्यों को बनाया जाता है।
ये है रूसा की बोर्ड ऑफ गर्वनर्स
विश्वविद्यालय ने भी साल 2020 में रूसा की बोर्ड ऑफ गर्वनर्स का गठन किया था। इसका अध्यक्ष रामपाल सिंह को बनाया गया था। इसमें बीकानेर के कृषि विवि के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह, कोटा खुला विवि के पूर्व कुलपति प्रो. अशोक कुमार सहित विवि के कई शिक्षकों और दो उद्योगपतियों को सदस्य बनाया गया है। बोर्ड ऑफ गर्वनर्स का काम रूसा से संबंधित योजनाओं-कार्यक्रमों का अवलोकन और बजट प्रस्ताव और उसकी उपयोगिता पर चर्चा करना है।
घूसकांड में रामपाल निलंबित
पिछले साल 7 सितंबर को हुए घूसकांड में रामपाल सिंह और उसके दलाल सहित कॉलेज संचालक को एसीबी ने पकड़ा था। बाद में राजभवन ने उसे निलंबित कर दिया था। उसका निलंबन अब तक बरकरार है। लेकिन विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर रूसा के पेज पर बोर्ड ऑफ गर्वनर्स का पुराना ऑर्डर अब तक अपलोड है। इसमें रामपाल को ही रूसा का अध्यक्ष बताया गया है। इसके अलावा इसमें से प्रो. बी. सारस्वत सेवानिवृत्त हो चुके हैं। नियमानुसार अब बोर्ड ऑफ गर्वनर्स का अध्यक्ष कुलपति ओम थानवी को होना चाहिए। लेकिन विवि ने इसमें संशोधन नहीं किया है।
Published on:
26 Apr 2021 08:57 am
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