
writing script
अजमेर.
आमतौर पर हम कॉपी या किसी पन्ने पर अंग्रेजी-हिंदी अथवा अन्य भाषा में शब्द और वाक्य सीधा ही लिखते हैं। लिखावट की यह परम्परा सदियों से जारी है। लेकिन आपको उल्टे शब्द लिखने-पढऩे को मिलें तो सिर चकरा सकता है। ग्यारहवीं कक्षा के छात्र आकांश के उल्टे शब्द लिखने की स्टाइल वास्तव में गजब की है। एक स्टीकर को देखकर हुई शुरुआत अब उनकी दक्षता बन गई है। वे लिम्का और गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में अपना स्थान बनाना चाहते हैं।
सामान्यत: विद्यार्थी, शिक्षक और आम लोग कॉपी-पन्ने पर सीधा लिखते और पढ़ते हैं। लेकिन सेंट फ्रांसिस स्कूल के ग्यारहवीं कक्षा के छात्र आकांश सक्सेना ने अपनी स्टाइल विकसित की है। वे किसी अखबार, किताब अथवा अन्य में छपे-लिखे हुए शब्दों को बखूबी उल्टा लिख सकते हैं। इसके अलावा आपके द्वारा बोले गुए शब्दों-वाक्यों को तत्काल ‘उल्टी ’ स्टाइल में लिख सकते हैं।
एक स्टीकर ने जगाया शौक
आकांश ने बताया कि एक साल पहले वे एक कॉपी खरीदकर लाए थे। उस पर एक स्टीकर चिपका था। स्टीकर में कुछ कोड और अंग्रेजी के शब्द उल्टे लिखे थे। कांच में देखने के बाद वे उल्टे शब्दों को सीधा पढ़ पाए। इसी स्टीकर ने उन्हें कुछ नया करने का शौक जाग्रत किया।
लिखने शुरु किए उल्टे शब्द
आकांश ने शुरुआत में अपनी किताबों-अखबार और अन्य पत्र-पत्रिकाओं में छपे वाक्यों और शब्दों को उल्टा लिखना प्रारंभ किया। इसमें प्रारंभिक स्तर पर कुछ दिक्कतें आई। लेकिन समय बीतने के साथ उनकी वाक्य और शब्द लेखन की गति बढ़ती चली गई। वे मौजूदा वक्त 5-6 मिनट में कॉपी के एक पेज पर उल्टे शब्द और वाक्य लिख सकते हैं। अभी एक मिनट में वे 30-35 शब्द लिख लेते हैं। इस गति को बढ़ाकर वे 45 से 50 शब्द प्रति मिनट करना चाहते हैं।
मम्मी ने बढ़ाया शौक को आगे
आकांश की मम्मी शालिनी सक्सेना ने उनके शौक को आगे बढ़ाने में काफी मदद की। शालिनी उसे वाक्य-शब्द बोलकर (डिक्टेशन) लिखवाती हैं। आकांश उन्हें हूबहू कॉपी अथवा किसी पेज पर लिख लेते हैं। शुरुआती दौर में स्कूल के शिक्षकों और दोस्तों को उनका स्टाइल कुछ अजीब लगा। लेकिन अब उन्होंने भी प्रोत्साहन देना प्रारंभ किया है। आकांश अगले साल स्कूल, राज्य, राष्ट्रीय स्तर पर किसी प्रतियोगिता, लिम्का और गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन करेंगे।
एयरफोर्स में बनना चाहते हैं कॅरियर
आकांश भविष्य में एयरफोर्स में पायलट बनकर कॅरियर बनाना चाहते हैं। उनकी मिराज, सुखोई और राफाल जैसे फाइटर प्लेन उड़ाने की इच्छा है। वे आईआईटी-एनआईटी से इंजीनियरिंग क्षेत्र में डिग्री लेना चाहते हैं।
Published on:
23 Jan 2019 07:21 am
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