
हर साल पौने दो करोड़ रुपए खर्च के बावजूद आनासागर झील, चौपाटी बदहाल
अजमेर.पर्यटन की दृष्टि से अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील आकर्षण का केन्द्र जरूर बनी हुई है लेकिन इसमें जा रहे नालों के पानी, जलकुंभी सहित पाथ-वे पर पसरी गंदगी व क्षतिग्रस्त हालात इसे दागदार बना रहे हैं। झील की सफाई व चौपाटी के रखरखाव पर प्रति माह लाखों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद इसकी दशा नहीं सुधर रही। आनासागर जलकुंभी मुक्त नहीं हो पा रहा। पाथ वे, फ्लोटिंग ब्रिज आदि खस्ता हाल हैं। गत दिनों जिला कलक्टर डॉ भारती दीक्षित ने भी झील का निरीक्षण कर फ्लोटिंग ब्रिज आदि को सुधारने के निर्देश दिए थे। जिस पर अधिकारियों ने फिलहाल अमल शुरू नहीं किया है।
एनजीटी में भी चल रही वर्चुअल सुनवाईअजमेर निवासी बाबूलाल साहू ने इस मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर रखी है। जिसकी गत दिनों हुई वर्चुअल सुनवाई में एडीए से झील के रखरखाव को लेकर जानकारी मांगी गई। नगर निगम ने झील के रखरखाव व सफाई पर प्रतिमाह किए जा रहे खर्च का ब्यौरा दिया।
करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो रहा प्रतिमाह रखरखाव पर- डिवीडिंग मशीन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत खरीदी
- झील में जल निकास व ट्यूबिंग में कंप्रेशर से फ्लोटिंग फाउंटेन से झील का वातन कार्य
- 2.50 लाख रुपए प्रतिमाह डिवीडिंग मशीन रखरखाव
- 1 करोड़ - एसटीपी संयंत्र बिजली शुल्क
- 60 हजार प्रतिमाह म्यूजिकल फाउंटेन बिजली शुल्क- 32 लाख 86 हजार 800 सालाना
- 1.70 करोड़ - कुल खर्च
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झील की परिधि की स्थिति- 17 वार्ड
28000 - आवास व व्यावसायिक संस्थान13 एमएलडी सीवरेज प्लांट क्षमता
7 एमएलडी क्षमता का सीवरेज प्लांट प्रस्तावित13 - प्रमुख नाले
- 11 - को सीवरेज से जोड़ा2 - नालों को सीवरेज से जोड़ने का कार्य प्रगति पर।
Published on:
24 May 2023 10:48 pm
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