
anasagar lake
अजमेर। अगर आप घूमने के लिहाज से अजमेर का रुख करते हैं तो आनासागर झील का भ्रमण जरुर करें। शहर को चार चांद लगाने वाली यह झील पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। यहां देसी विदेशी शैलानी आकर झील के प्राकृतिक सौंद्रर्य का लुत्फ उठाते नजर आते हैं। इसकी सुंदरता हर किसी को अपनी ओर खींच लाती है।
बारिश के मौसम को बनाएं खुशनुमा
बरसात के दिनों में झील का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। इसके चलते पर्यटक पिकनिक के लिए झील किनारे पहुंचते हैं। यहां प्राकृतिक सौंदर्य को लोग अपने कैमरे में कैद करते नजर आते हैं। परिवार सहित बच्चे भी झील के सुहाने पलों का आनंद लेते हैं।
दौलत बाग की करें सैर
दरअसल, आना सागर संभाग की एक मात्र कृत्रिम झील है इसे आणा सागर के नाम से भी जाना जाता है। झील का निर्माण पृथ्वी राज चौहान के पितामह आणाजी चौहान ने बाहरवी शताब्दी के मध्य में करवाया। इसके चलते इसे आना सागर के नाम से जाना जाने लगा। इसके बाद शाहजहां ने इसके किनारे करीब 1240 फिट लम्बा कटहरा लगवाया। साथ ही इसकी पाल पर संगमरमर की बारादियों का निर्माण कार्य कराया। वहीं झील के प्रांगण में दौलत बाग का निर्माण जहांगीर ने करवाया था। जिसे सुभाष उद्यान के नाम से भी जाना जाता है।
रंग-बिरंगे पक्षिय बने आकर्षण का केंद्र
बारिश के दिनों में झील हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। खासकर बच्चों और युवाओं में झील देखने की ललक ज्यादा नजर आ रही है। वहीं पानी में रंग-बिरंगे प्रवासी पक्षियों का लगा डेरा झील की सुंदरता को ओर निखार देता है। बड़ी संख्या में पक्षियों का बसेरा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पानी पर किलोल करते पक्षियों की चहक पर्यटकों को यहां तक खींच लाती है।
ये बरतें सावधानी
झील के किनारे सेल्फी लेते समय चौपाटी की दीवार पर नहीं चढ़ें। ये किसी खतरे से कम नहीं है। वहीं तेज हवाओं के साथ उठती लहरें हर किसी का ध्यान भटकाती हैं। धोबी घाट से जुड़ी जालिया्ं कई जगह से टूट चुकी हैं। परिवार के साथ आने वाले बच्चों का विशेष ध्यान रखें। अक्सर बच्चे खेलते हुए टूटी जालियों के पास चले जाते हैं, जहां पानी की गहराई ज्यदा है। इससे हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।
Updated on:
26 Jul 2018 07:09 pm
Published on:
26 Jul 2018 07:01 pm
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