अजमेर. आनासागर झील की सीमा एवं नो कंस्ट्रक्शन जोन में अनाधिकृत निर्माण की वास्तविक स्थिति, पाथ-वे के नीचे से निकाले गए नालों की स्थिति, झील में भराव क्षमता, अधिकतम भराव क्षमता आदि का मौका निरीक्षण करने के लिए स्वायत्त शासन विभाग की ओर के गठित कमेटी गुरुवार को अजमेर पहुंची। निरीक्षण में इस बात का भी खुलासा हुआ कि पाथ-वे की नीचे निकाले गए नालों (सीमेंट पाइप) को भी अवरुद्ध कर दिया गया।
स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगा राम के आदेश के मुताबिक उच्च न्यायालय में दायर रिट पिटीशन संख्या 11153/ 2011 द्वारा आनासागर झील के क्षेत्र को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित कर रखा है। जल संसाधन विभाग के पत्र के बाद आनासागर झील सीमा क्षेत्र एवं नो कंस्ट्रक्शन जोन में अनाधिकृत निर्माण एवं मिट्टी भराव किया जाना माना है। इस संबंध में आमजन की शिकायतों के साथ राजस्थान पत्रिका समाचार पत्र ने भी मामले को उजागर किया है।
इन अधिकारियों ने किया मौका निरीक्षण
भूपेन्द्र माथुर, मुख्य अभियंता इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना निदेशालय जयपुर, संजय माथुर, निदेशक (विधि) निदेशालय जयपुर, पी.आर. बेनीवाल, निदेशक आयोजना, अजमेर विकास प्राधिकरण, आलोक जैन, उप निदेशक (स्थानीय) स्थानीय निकाय विभाग अजमेर ने मौका मुआयना किया। इनके साथ प्राधिकरण, सिंचाई विभाग एवं नगर निगम के अन्य कुछ अधिकारी भी मौजूद रहे।
अंतरिम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं राजस्थान झील संरक्षण के प्रभारी
हाईकोर्ट की ओर से गठित राजस्थान झील संरक्षण समिति के प्रभारी डॉ. समित शर्मा को जिला प्रशासन की ओर से 7 नवम्बर को सौंपी गई रिपोर्ट में विभिन्न विभागों की ओर से मात्र लीपापोती की गई थी। नगर निगम की ओर से जो अतिक्रमण हटाए गए मात्र कच्चे निर्माण थे। उनमें से एक तो रात्रि में ही काबिज हो गया। मिट्टी भराव करने के बाद मिट्टी नहीं हटवाने सहित कई मुद्दों को उजागर करने के बाद नजरअंदाज करने के बाद प्रभारी डॉ. शर्मा ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर पुन: रिपोर्ट तलब ही। यही नहीं उन्होंने राज्य स्तरीय कमेटी से मौका निरीक्षण का भी हवाला दिया। इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग को लिखे पत्र के बाद सरकार ने भी गंभीरता दिखाई है।
पूरे पाथ-वे पर पैदल किया मुआयनाअधिकारियों की टीम ने गौरव पथ जी मॉल के पीछे झील में बने मकान को देखते हुए पूरे पाथ-वे पर पैदल भ्रमण किया। सेवन वण्डर्स के आस-पास निर्माण, पाथ-वे से होते हुए विश्रामस्थली के पीछे होते हुए पाथ-वे के अधूरे पड़े कार्य तक का मौका मुआयना किया।
ऐसी मिली स्थिति- कुछ जगह रैंप बनाने के लिए मिट्टी डालना पाया गया।
– पाथ-वे निर्माण भराव क्षमता के अनुरूप माना वहीं पाथ-वे अनाधिकृत निर्माण व झील के भराव क्षेत्र में अतिक्रमण रुकना पाया।- पाथ-वे के अधूरे निर्माण के आगे गंदगी के साथ मिट्टी भराव करते पाया गया।
– झील के दायरे में एक जगह खातेदार की ओर से मिट्टी भराव होना पाया गया।
टीम करेगी नो कंस्ट्रक्शन जोन का अध्ययन- कमेटी की ओर से नो कंस्ट्रक्शन जोन का अध्ययन किया जाना है।
– जोन में चिन्हित होंगे कच्चे व पक्के निर्माण।- कमेटी रिपोर्ट तैयार कर तीन से सात दिन में सौंपेगी रिपोर्ट।