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AnaSagar : झील किनारे हजारों मछलियां मरी, देखने पहुंचे लोग

जलकुंभी में घुट रही ‘जलपरियां’ बांडी नदी और सागर विहार में फैला जाल : - झील से बांडी नदी में नहीं जा सकती डीविडिंग मशीन

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AnaSagar : झील किनारे हजारों मछलियां मरी, देखने पहुंचे लोग

AnaSagar : झील किनारे हजारों मछलियां मरी, देखने पहुंचे लोग

अजमेर. आनासागर झील के चहुंओर जलकुंभी ने अपना जाल फैला लिया है। बांडी नदी में जलकुंभी के चलते बड़ी संख्या में मछलियां दम तोड़ रही हैं। झील के बीच में डी-विडिंग मशीन चलती रहती है, लेकिन किनारों और बांडी नदी तक नहीं पहुंचने के कारण यह लगातार फैलती रहती है।

आनासागर झील के किनारों पर जलकुंभी फैली हुई है। झील में बारादरी के पास पानी हरा-हरा दिखाई दे रहा है। पानी में बदबू के कारण सांस लेना तक मुश्किल होता जा रहा है। यही स्थिति बांडी नदी की है। बांडी नदी में फॉयसागर, पुष्कर रोड सहित कई जगह का पानी आता है। पूरी बांडी नदी जलकुंभी के चलते हरी-हरी दिखाई दे रही है। यही स्थिति सागर विहार पाल की है। पानी में ऑक्सीजन की कमी और गंदगी के कारण सैकडों मछलियों की मौत हो गई है। इसके बावजूद नगर निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
बांडी नदीं से छोड़ा पानी
बांडी नदी से आने वाले पानी को पुष्कर रोड पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जोड़ रखा है। बांडी नदी से एसटीपी तक गंदगी को रोकने के लिए लोहे की जाली लगी हुई है। इस वॉल में पॉलीथिन फंसने के कारण एसटीपी तक पानी नहीं पहुंच रहा था, जिसे गुरुवार को हटाया गया। बांडी नदी में पानी कम होने पर ही उसकी सफाई हो सकेगी।

होना यह चाहिए
- आनासागर और बांडी नदी में अभियान चलाकर जलकुंभी हटाई जाए ।

- आनासागर झील में फव्वारों का संचालन नियमित रूप से हो
- झील में खाद्य सामग्री डालने और बेचने वालों पर लगे रोक

- झील में गिरने वाले नालों का पानी बंद होना चाहिए
इनका कहना है...

बांडी नदी में फैली जलकुंभी को शीघ्र हटवाया जाएगा। झील में लगे फव्वारों को शुरू करवाने और आवश्यकता होने पर नए फव्वारों को लगवाए जाएंगे।

- चिन्मयी गोपाल, आयुक्त नगर निगम