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अजमेर

…और मिलावटी मावा पड़ गया काला

आयोडीन टिंचर की दो बूंद मावा व मिठाई की खोल देगी पोलअजमेर जिले के कई गांवों में चल रही हैं मावे की भट्टियां

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अजमेर. मिठाइयों एवं फीका मावा की खरीद से पूर्व अगर आपको किसी तरह का संशय हैं तो आप खुद मावा व मिठाई की गुणवत्ता की जांच कर सकते हैं। यही नहीं घर बैठे ही आप फीका मावा (खोया) व मावे से निर्मित मिठाइयों की जांच कर सकते हैं। राजस्थान पत्रिका की टीम ने शनिवार को फीका मावा व्यवसायियों की दुकान एवं प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर फीका मावा में मिलावट होने या नहीं होने की पड़ताल की।

अजमेर शहर में फीका मावा व मावे से निर्मित मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने एवं आमजन को इनकी जांच की प्रक्रिया समझाने के लिहाज से तमाम जानकारी जुटाई गई। मदारगेट स्थित एक मावे की दुकान पर व्यवसायी तुलसीराम साहू, पंजक साहू आदि ने बताया कि वे फीका मावा की खरीद से पूर्व भी जांच करते हैं। इसी प्रक्रिया को पत्रिका टीम की ओर से जांचा परखा और आमजन टिप्स बताए कि वे किस तरह से फीका मावा व मावा से निर्मित मिठाइयों की कैसे जांच कर सकते हैं।
फीका मावा में मिलावट की जांच की यह प्रक्रियाविधि नम्बर एक: मावा व्यवसायी व तुलसीराम व पंकज के अनुसार फीका मावा की जांच के लिए आयोडीन टिंचर का उपयोग करते हैं। एक दोने या प्लेट में फीका मावा का कुछ हिस्सा निकालकर उस पर दो बूंद आयोडीन टिंचर की डालते हैं। दो मिनट बाद ही मावा पर आयोडीन टिंचर का रंग यथावत रह जाता है (केसरिया-पीला) यानी यह जो मावा है वह शुद्ध है और उसकी गुणवत्ता अधिक है। विधि नम्बर दो: मावा व्यवसायी की ओर से मावा का कुछ हिस्सा निकालकर दोने या प्लेट में चिमटी भर मैदा मिला दी गई। मैदा एवं मावा को मैश कर करके इस पर आयोडीन टिंचर की दो बूंद डाली गई। इस मावे का रंग एक मिनट से भी कम समय में काला हो गया। यानी यह मावा मिलावटी है।यहां से सप्लाई होता है फीका मावा

अजमेर में फीका मावा अरांई के तिहारी, दादिया, लाम्बा, कानपुरा, श्रीनगर, भिनाय में बूबकिया, तेलाड़ा, घणा, पिलोदा, मसूदा के झीपियां सहित कई गांवों से अजमेर में बिकने के लिए आता है। गांवों में मावे की भट्टियां चलती हैं जहां प्रतिदिन फीका मावा तैयार होकर बिकने के लिए अजमेर में मावा के होलसेल व्यापारियों के पास पहुंचता है।
क्या कहते हैं व्यवसायी

चालीस से अधिक वर्षों से फीका मावा का कोराबार करने करने के दौरान कभी भी मिलावट की शिकायत नहीं मिली है। पूरे अजमेर में मावे में मिलावट की कहीं कोई शिकायत नहीं मिलती है। आमजन किसी बहकावे में नहीं आएं, खुद परख कर खरीदें मावा।

तुलसीराम साहू, मावा के होलसेल व्यवसायी

होलसेल व्यापारी खुद भी मावा खरीद के लिए आयोडीन टिंचर से जांच करते हैं, ताकि शुद्ध मावा ग्राहकों को मिल सके। सभी मावा व्यवसायियों को जांच किट रखने के निर्देश दिए गए हैं।

रमेशचन्द सैनी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी

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फैक्ट फाइल500 किग्रा. फीका मावा की प्रतिदिन अजमेर में खपत700 किग्रा. फीका मावा की त्यौहारी सीजन में प्रतिदिन खपत15 से अधिक दुकानें हैं होलसेल व्यवसायियों की