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अजमेर. दो वर्षीय बीएड और चार वर्षीय इन्टीग्रेटेड बीए./बी.एससी बी.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। द्वितीय ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए मंगलवार तक पंजीयन शुल्क जमा कराया जा सकेगा।
पीटीईटी समन्वयक प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि दो वर्षीय बीएड और चार वर्षीय इन्टीग्रेटेड बीए/ बी.एससी बी.एड. कोर्स में प्रवेश जारी है। द्वितीय ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए मंगलवार तक पांच हजार रुपए पंजीयन शुल्क जमा कराया गया। ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रथम काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था वे भी शुल्क जमा करवाकरकराकर द्वितीय काउंसलिंग के लिए पंजीयन करा सकेंगे।
अभ्यर्थी 25 जुलाई तक बीएड कॉलेज के ऑनलाइन विकल्प भर सकेंगे। प्रथम काउंसलिंग में कॉलेज आवंटन से वंचित तथा वे अभ्यर्थी जिन्होंने केवल द्वितीय काउंसलिंग सके लिए पंजीयन कराया है, वे तय तिथि तक ऑनलाइन विकल्प भर सकेंगे। कॉलेज में रिक्त स्थानों की सूचना वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। जिन अभ्यर्थियों को प्रथम काउंसलिंग में विकल्प भरने के बावजूद बीएड कॉलेज आवंटित नहीं हुए, उन्हें महाविद्यालयों के विकल्प वापस भरने होंगे। उनके द्वारा पूर्व में भरे गए विकल्प मान्य नहीं होंगे। दोबारा विकल्प भरने के बाद ही ऐसे अभ्यर्थियों को द्वितीय काउंसलिंग में शामिल किया जाएगा।
पीएम मोदी आप ही करा सकते हैं ये काम, यहां तो सब बेकार
लॉ कॉलेज की स्थायी मान्यता और समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अब छात्रों ने पीएम नरेंद्र मोदी से संपर्क किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर समस्याओं के समाधान का आग्रह किया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के के महानगर कार्य समिति सदस्य पवन टाक, धर्मेन्द्र बाज्या, रामकिशोर जाजड़ा, अशोक जांगिड़, तारा देवी, अमित फ्रांसिस, कन्हैया और अन्य ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। उन्होंने बताया कि लॉ कॉलेज को 13 साल से स्थाई मान्यता नहीं मिली है।
कॉलेज में चारदीवारी, स्थाई प्राचार्य, पर्याप्त शिक्षक नहीं है। विद्यार्थी सरकार, राजभवन, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति, जिला बार एसोसिएशन, जिला कलक्टर को ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है।
आगे खिसकेगी आरएएस प्रारंभिक परीक्षा की तिथि,
राजस्थान लोक सेवा आयोग की सबसे प्रतिष्ठित आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती-2018) की तिथि आगे खिसक सकती है। आयोग में उच्च स्तरीय चर्चा के बाद यह सम्भावना बनी है। उच्चाधिकारियों का मानना है, कि कम समय होने और अधूरी तैयारियों के चलते 5 अगस्त को परीक्षा कराना बहुत जोखिमपूर्ण होगा। अब निगाहें अध्यक्ष दीपक उप्रेती पर टिकी हैं।
आयोग ने 5 अगस्त को आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती-2018) कराना तय किया है। मई में आयोजित फुल कमीशन की बैठक में यह तिथि तय हुई थी। लेकिन 80 दिन तक स्थाई अथवा कार्यवाहक अध्यक्ष नहीं होने से आयोग पेपर प्रिंट नहीं करा पाया। इस दौरान दो बार फुल कमीशन की बैठक हुई पर आयोग परीक्षा स्थगित या तय तिथि पर कराने का फैसला नहीं ले सका।
उप्रेती को ये मिला फीडबैक..
कार्यभार संभालते ही अध्यक्ष दीपक उप्रेती ने आयोग सदस्यों और अधिकारियों से आरएएस प्रारंभिक परीक्षा की तैयारियों के बारे में पूछा। उन्होंने 5 अगस्त को ही परीक्षा कराने की सभी संभावनाओं को टटोला। उच्चाधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट तौर पर कहा कि महज 13 दिन में पेपर प्रिंटिंग और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाना और अन्य तैयारियां करना चुनौतिपूर्ण है। ऐसे में तय तिथि पर ही परीक्षा कराना बेहद जोखिम पूर्ण होगा। नियमानुसार परीक्षा करानी या तिथि आगे बढ़ाने के लिए फुल कमीशन की बैठक में ही फैसला लिया जा सकता है।
Published on:
25 Jul 2018 08:53 am
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