
बांडी नदी का घोंट रहे गला, बहाव क्षेत्र बदलने का प्रयास
चन्द्र प्रकाश जोशी
अजमेर. बांडी नदी अपने उद्गम स्थल से कुछ किमी दूर से अतिक्रमियों की गिद्ध सी नजर एवं निशाने पर है। बांडी नदी के बहाव क्षेत्र के मध्य अतिक्रमण एवं बहाव क्षेत्र को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। भू-माफिया एवं मालिकाना हक जताने वाले कथित लोग अब बहाव क्षेत्र में आबादी बसाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
फॉयसागर से आनासागर झील को जोड़ने वाली बांडी नदी के प्रति प्रशासन का उपेक्षापूर्ण रवैया अजमेर की जनता के हितों के खिलाफ साबित हो सकता है। खासकर पेयजल स्रोत के बहाव के मार्ग को बदलने से भविष्य में आबादी क्षेत्र में तबाही की वजह भी बन सकता है।
भू-माफिया, कारोबारी सक्रिय
फॉयसागर झील से करीब एक-डेढ़ किमी दूर ही बांडी नदी के बहाव क्षेत्र को बदला जा रहा है। कहीं मिट्टी की मेड़बंदी कर व छोटे-छोटे बंधे बनाकर बहाव को कम किया जा रहा है तो कुछ जगह मिट्टी का भराव कर बहाव का रास्ता बदला जा रहा है।
राजस्व विभाग व एडीए की उपेक्षा
बांडी नदी को बचाने एवं अतिक्रमण रोकने में राजस्व विभाग एवं अजमेर विकास प्राधिकरण की उपेक्षा प्रमुख वजह है। एडीए की ओर से पूर्व में 60 से अधिक कब्जाधारकों को नोटिस के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
फैक्ट फाइल
- 60 से 200 मीटर की चौड़ाई - राजस्व रिकॉर्ड में
- 50 से 80 मीटर चौड़ाई - वर्तमान में
- 60 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं बांडी नदी पर
- 2 झील को जोड़ती है बांडी नदी
- 5 किमी क्षेत्र है आनासागर से फॉयसागर का
- 28 साल पहले हुआ था पक्का निर्माण
इनका कहना है...बांडी नदी के आस-पास बने निर्माणों को लेकर एडीएम ने नोटिस जारी किए थे। इस संबंध में निर्णय भी किए जा चुके हैं। संबंधित शाखा को पत्र लिखकर निर्णय की पालना के संबंध में कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
- महावीर सिंह, उपायुक्त उत्तर, एडीए
Published on:
11 Feb 2024 02:10 am
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