
ब्यावर के तेजा मेले में बिखरे लोक संस्कृति के रंग
अजमेर. ब्यावर उपखंड मुख्यालय पर शनिवार से तीन दिवसीय तेजा मेले का आगाज हो गया। नगर परिषद सभापति और अन्य अतिथियों ने पूजा-अर्चना कर व ध्वजा के जरिए शुरुआत की। पहले दिन मेले में रात को राजस्थानी व फिल्मी गीतों पर नृत्य व गीतों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। चरी व भंवाई नृत्य समेत कच्छी घोड़ी नृत्य... आदि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष प्रस्तुतियों ने भी अपनी छाप छोड़ी।
तेजा मेले के पहले दिन शनिवार रात्रि राठी पवेलियन में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का आगाज गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद लाग्यो-लाग्यो जेठ आषाढ़ कंवर तेजा रे...,केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारे देश...रुणक-झुनक पायल बाजे सा.., मोरनी बागां में बोली आधी रात ने....सहित अन्य गीतों पर मनभावन प्रस्तुतियां दी। इसके अलावा थू म्हारो कोण लागे..., घूमेरदार लहंगो..... सहित राजस्थानी गीतों पर समूह नृत्य ने समां बांध दिया।
इसके अलावा चरी, कच्छी घोड़ी व भवई नृत्य ने दर्शकों पर खासी छाप छोड़ी। कार्यक्रम का संचालन जोधपुर से आए हास्य कलाकार अरुणसिंह चौहान ने किया। मुख्य अतिथि अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द चौधरी रहे। कार्यक्रम में सभापति कमला दगदी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव पारस पंच, आयुक्त राजेन्द्रसिंह, मेला संयोजक सम्पति बोहरा सहित अन्य उपस्थित रहे।
कुश्ती दंगल में दो गुटों में ‘दंगल ’
नगर परिषद की ओर से आयोजित तीन दिवसीय तेजा मेले के पहले दिन शनिवार शाम कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान दो पक्षों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते ही हंगामा शुरू हो गया। कुछ युवकों ने कुर्सियां उठा ली। इस आपाधापी में अखाड़े के पास लगी बल्लियां भी उखड़ गई। विवाद को देखते हुए एक बारगी तो कुश्ती प्रतियोगिता को समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। वहां मौजूद अधिकारी व पार्षद रवाना हो गए। बाद में आपसी समझाइश के बाद प्रतियोगिता वापस शुरु हुई।
बाद में पहुंची पुलिस
तीन दिवसीय तेजा मेला में मेलार्थियों का खासा दबाव रहता है। विविध प्रतियोगिताओं के दौरान दर्शकों की भीड़ रहती है। कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान वहां पुलिस तैनात नहीं थी। कुश्ती के दौरान विवाद हो गया। वहां मौजूद लोगों ने विवाद कर रहे लोगों को अलग-अलग किया। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची।
श्रद्धाुलओं ने झंडे चढ़ाए झंडे
मेले के उद्घाटन के बाद तेजा के जयघोष करते व नाचते हुए लोग मेला स्थल पर पहुंचे। सेदरिया के तेजा थान पर श्रद्धाुलओं ने झंडे चढ़ाए एवं प्रसाद का भोग लगाया। यहां से अतिथि मेला स्थल के मुख्यद्वार पहुंचे। इस दौरान दलपतराज मेवाड़ा, ज्ञानदेव झंवर, मोहनलाल, ब्लॉक अध्यक्ष सोहन मेवाड़ा, जवाजा ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष भगवानङ्क्षसह कडिवाल, ज्ञानदेव झंवर, पूर्व सभापति शांति डाबला, कैलाश गहलोत, विजेन्द्र प्रजापति, नौरतमल, मेला अधिकारी जाहिद हुसैन, सहायक मेला अधिकारी मोहिन्दर राय फुलवारी सहित अन्य उपस्थित रहे। इसके बाद कबड्डी व वॉलीबाल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। शाम को कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
उद्घाटन से बनाई दूरी...
तीन दिवसीय तेजा मेले के उद्घाटन मौके पर भाजपा के पार्षद व पदाधिकारियों ने दूरी बनाए रखी। आमंत्रण पत्र में विधायक शंकरसिंह रावत व उपसभापति सुनिल कुमार मूंदडा का भी नाम था। दोनों इस कार्यक्रम में नजर नहीं आए। इसके अलावा भाजपा पार्षदों की संख्या भी कम ही रही। वार्ड संख्या 11 में तेजा थान आता है।
इस वार्ड के पार्षद अंगदराम अजमेरा ने भी शिरकत नहीं की। उनका कहना था कि नगर पिरषद की ओर से भाजपा पार्षदों का मान सम्मान का ध्यान नहीं रखा जा रहा। समारोह की कोई अधिकृत सूचना भी नहीं दी गई। उपसभापति मूंदड़ा के अनुसार किसी कार्य के चलते वे नहीं आ सके। भाजपा पार्षदों के नहीं आने की भी कोई वजह होगी। मुख्य अतिथि बगरू विधायक गंगादेवी वर्मा थी, लेकिन उन्होंने भी शिरकत नहीं की।
Published on:
08 Sept 2019 01:20 am
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