
pani ki kami
अजमेर/किशनगढ़/ब्यावर.
जिले में बीसलपुर योजना से कई गांव वंचित हैं। करीब छह साल पहले कई गांवों के लिए स्वीकृत हुई जवाजा बीसलपुर परियोजना का काम कछुआ चाल से चल रहा है। इस गर्मी में भी गांवों के लोग बीसलपुर के मीठे पानी से हलक तर नहीं कर सकेंगे। योजना की निर्धारित अवधि पूरी होने में तीन माह ही शेष बचे हैं, जबकि अभी तक बीस प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हुआ है।
फिलहाल जिन 120 गांवों को जोडकऱ लाइन की टेस्टिंग की गई है। वहां भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। आगे की लाइन बिछाने में जमीन अधिग्रहण सहित कई दिक्कतें सामने आ रही है। इसके चलते योजना की अवधि फिर आगे बढ़ानी पड़ेगी। इस तरह ही परियोजना रेंगती रही तो टॉडगढ़ के आखिरी छोर तक पानी पहुंचने में सालों लग जाएंगे।
जवाजा-बीसलपुर परियोजना वर्ष 2013 में स्वीकृत हुई। इस परियोजना में शामिल 199 गांवों में तीन साल में अर्थात वर्ष 2016 तक पानी पहुंचाना था। इस निर्धारित अवधि में यह काम पूरा नहीं हो सका। ऐसे में परियोजना की समयावधि बढ़ाकर जुलाई 2019 की गई। यह अवधि पूरी होने में भी महज तीन माह का समय बचा है। इसके बावजूद बीस प्रतिशत काम ही पूरा नहीं हो सका है। अब तक 120 गांवों में लाइन डालने का काम पूरा हो गया। इसके बावजूद पानी की कमी होने के चलते इन गांवों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में 199 गांवों तक पानी पहुंच पाना मुश्किल है। अब तक पाइप लाइन बिछाने में आ रही बाधाओं को भी दूर नहीं किया जा सका है। ऐसे में इस गर्मी में गांवों को बीसलपुर का मीठा पानी मिलने की उम्मीद पूरी नहीं हो सकेगी।
लाइन डाले तो देवाता पम्पिंग स्टेशन पर पहुंचे पानी
कालिंजर गांव में ब्यावर-गोमती सडक़ परियोजना के तहत मुआवजा गलत खाते में दे दिया गया। यह मामला करीब दो साल से पेंडिग चल रहा है। इसका निरस्तारण नहीं होने से सडक़ की जद में आ रहे निर्माण को नहीं हटाया जा सका है। इसके चलते इस गांव में पाइप लाइन डालने का काम अटका पड़ा है।
यहां भी नहीं मिली अनुमति
जवाजा बीसलपुर परियोजना के तहत तीन रेलवे क्रासिंग से पाइप लाइन डालने की अनुमति का मामला भी लम्बित चल रहा है। हालात यह है कि परियोजना की अवधि पूरी होने वाली है लेकिन अब तक पाइप लाइन बिछाने की अनुमति ही नहीं मिल सकी है।
वन विभाग से भी नहीं मिली अनुमति
पाइप लाइन डालने के क्षेत्र में वन विभाग का क्षेत्र भी आ रहा है। इस क्षेत्र में पाइप लाइन डालने की अनुमति को लेकर लम्बे समय से पत्र व्यवहार चल रहा है। अब तक इसके लिए अनुमति नहीं मिल सकी है। जब तक अनुमति नहीं मिलेगी तब तक काम गति नहीं पकड़ सकेगा।
85 करोड़ की दरकार
पाइप लाइन बिछाने एवं गांवों को बीसलपुर परियोजना से जोडऩे के लिए बीस प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो सका है। शेष काम पूरा करने के लिए करीब 85 करोड़ के बजट की दरकार है, जबकि मार्च तक का साढ़े अ_ाइस करोड़ का बजट बकाया चल रहा है।
Published on:
14 Apr 2019 04:12 pm
