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दरगाह के चारों ओर बनेगा कॉरिडोर, टूटेंगे मकान और दुकान

6 लेन होगा स्टेशन से दरगाह और महावीर सर्किल से दरगाह मार्ग। आने-जाने में होगी सुविधा।

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raktim tiwari

Jul 21, 2016

bomb hype dargah person aresst chennai

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रेलवे स्टेशन से मदार गेट, नला बाजार होते हुए दरगाह के निजाम गेट और महावीर सर्किल से निजाम गेट तक का मार्ग 6 लेन बनेगा। नागफणी से दरगाह तक के मार्ग को 4 लेन बनाया जाएगा। दरगाह के चारों ओर कॉरिडोर का निर्माण भी किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन ने इस सम्बंध में 5 हजार 400 करोड़ की लागत से होने वाले कार्य की प्रोजेक्ट रिपोर्ट जिला कलक्टर को प्रस्तावित की है।

तत्कालीन मुख्यसचिव सीएस राजन ने करीब पांच महीने पहले जिला प्रशासन, नगर निगम और अजमेर विकास प्राधिकरण की बैठक लेकर दरगाह बाजार और उसके आसपास के मार्गों को चौड़ा करने की आवश्यकता जताई थी।

उन्होंने कलक्टर और नगर निगम को इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव के निर्देश के बाद नगर निगम ने दरगाह सम्पर्क मार्ग को चौड़ा करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित रिपोर्ट में रेलवे स्टेशन से मदार गेट, नला बाजार होते हुए दरगाह तक मार्ग को 6 लेन करने, महावीर सर्किल से गंज, दिल्ली गेट, धानमंडी होते हुए निजाम गेट तक मार्ग 6 लेन करने, नागफणी सम्पर्क सड़क को अंदर कोट होते हुए दरगाह तक 4 लेन करने की योजना है। इसके अतिरिक्त दरगाह के चारों ओर 2 लेन कॉरिडोर बनाने की भी योजना है।

होटल, गेस्ट हाउस अवाप्त होंगे

स्टेशन से दरगाह और महावीर सर्किल से दरगाह मार्ग को चौड़ा करने के लिए सड़क के दोनों ओर स्थित होटल, मकान, दुकान, रेस्तरां और गेस्ट हाउस का अधिग्रहण किया जाएगा।

बहुमंजिला भवन बनाकर देंगे

रिपोर्ट में अवाप्त किए जाने वाले होटल, दुकान, गेस्ट हाउस और रेस्तरां की जगह बहुमंजिला भवन बनाकर दिया जाना प्रस्तावित है। निगम की ओर से रोड के दोनों ओर 14 मंजिला भवन बनाए जाएंगे। उनमें सात मंजिल तक तो उन्हें जगह दी जाएगी जिनकी जगह अवाप्त की जाएगी। उसके बाद सात मंजिला भवन को खुली नीलामी के जरिए नीलाम किया जाएगा।

प्रभावित क्षेत्र - 8.55 एकड़

प्रभावित आबादी - 8 हजार 700

प्रति वर्ष आने वाले जायरीन - 38 लाख

ये काम भी कराए जाएंगे

- क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए नई पाइप लाइन बिछाने और टंकियां बनाने का काम होगा।

- क्षेत्र में सीवरेज लाइनों का जाल बिछाकर प्रत्येक बिल्डिंग को उससे जोड़ा जाएगा।

- क्षेत्र में नालियां बनाई जाएंगी ताकि बरसाती पानी का निकास आसानी से हो सके।

- क्षेत्र में वर्तमान में फैले बिजली के तारों और खंभों को हटाकर बिजली की अंडरग्राउंड लाइनें बिछाई जाएंगी।

- नया अग्निशमन केन्द्र खोलना भी प्रस्तावित है।

योजना का मजबूत पक्ष-

शहर का मशहूर क्षेत्र जहां पर्यटकों और जायरीन की सर्वाधिक होती आवक-क्षेत्र में कई सूचीबद्ध और सूची से बाहर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, संरक्षित स्थल-ख्वाजा साहब की दरगाह और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल-बीचों-बीच होने से शहर के सभी क्षेत्रों से सुगमता से जुड़ाव-उर्स के दौरान लाखों जायरीन-पर्यटकों की होती आवाजाही

योजना का कमजोर पक्ष

-टूटी रोड, अव्यवस्थित नालियां और नाले

-जायरीन के लिए पेयजल और शौचालयों की कमी, पार्र्किंग सुविधा कम

-छोटी और तंग गलियों वाला घनी आबादी क्षेत्र

-जर्जर और पुरानी ऐतिहासिक इमारतों-भवनों की तत्काल मरम्मत जरूरी

-पुरानी इमारतों और भवनों का सही नहीं रखरखाव

संभावनाएं

-राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन बढ़ोतरी की संभावन

-क्षेत्र के विकास में केंद्र सरकार की रुचि

-राजस्व बढ़ोतरी के लिए पर्यटन को बढ़ावा देना आवश्यक

-क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कार्यों, जीवन व्यापन की बेहतर सुविधाएं जरूरी

चुनौतियां और जोखिम

-दरगाह और इससे आसपास के क्षेत्र में घनी आबादी

-कई जगह अनाधिकृत कब्जे, होर्डिंग और निर्माण

-वाहनों की आवाजाही से क्षेत्र में प्रदूषण

-सार्वजनिक उपयोगिता क्षेत्र में अतिक्रमण

-कई ऐतिहासिक और संरक्षित भवनों का अधिग्रहण चुनौतीपूर्ण

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