
pollution increase in ajmer
अजमेर.
कभी अपनी खूबसूरती और स्वच्छ आबोहवा के लिए मशहूर अजमेर धीरे-धीरे प्रदूषित शहर में तब्दील हो रहा है। सडक़ों पर दौड़ते वाहन जहरीला धुआं उगल रहे हैं। शहर में कई जगह सुबह से देर शाम तक साफ हवा नसीब नहीं होती। इनमें मदार गेट-स्टेशन रोड, नसीराबाद रोड-आदर्श नगर, वैशाली नगर-पुष्कर रोड, श्रीनगर रोड-ब्यावर रोड खास है। यही स्थिति रही तो अगले 5-10 साल में हालात भयावह हो सकते हैं।
शहर में साल दर साल वाहनों की संख्या बढ़ रही है। इनसे निकलने वाला जहरीला धुआं शहर की हरियाली और लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। जयपुर, मुंबई और अन्य शहरों में सार्वजनिक स्थानों, ट्रेफिक लाइट्स और अन्य क्षेत्रों में प्रदूषण मापने के स्वचलित यंत्र लग चुके हैं। पेट्रोल-डीजल पम्प पर प्रदूषण की जांच होती है। अजमेर अब तक इनसे अछूता है। यहां वाहनों से उत्सर्जित जहरीले धुएं को मापने के सार्वजनिक साधन नहीं हैं। सरकार ने अजमेर के बजाय किशनगढ़ में प्रदूषण मंडल कार्यालय खोला है। इसके चलते यहां प्रदूषण का नियमित मापन बहुत मुश्किल है।
शहर में यहां स्थिति ज्यादा खराब
1-स्टेशन रोड-मदार गेट (सुबह 7 से शाम 8 बजे तक )रोड पर वाहनों की आवाजाही-60 से 80 हजारकार्बन मोनो ऑक्साइड स्तर : 450 से 550 पीपीएमहालात-सांस के साथ घुलती जहरीली हवा
2-आगरा गेट-जयपुर रोड (सुबह 6 से शाम 8 बजे)रोड पर वाहनों की आवाजाही-50 से 60 हजारकार्बन मोनो ऑक्साइड स्तर : 250-300 पीपीएमहालात-हवा में प्रदूषण, शुद्ध हवा नहीं
3-नसीराबाद रोड,आदर्श नगर-पर्बतपुरा क्षेत्र (सुबह 5 से रात्रि 9 बजे)रोड पर वाहनों की आवाजाही-50 से 60 हजारकार्बन मोनो ऑक्साइड स्तर : 350-450 पीपीएमहालात-हवा में गर्मााहट, वायू प्रदूषण
4-वैशाली नगर-पुष्कर रोड-लोहागल क्षेत्र (सुबह 5 से रात्रि 9 बजे)रोड पर वाहनों की आवाजाही-60 से 70 हजारकार्बन मोनो ऑक्साइड स्तर : 180-265 पीपीएम
हालात-हवा के साथ धूल, प्रदूषित वातावरण
(स्त्रोत-एसपीसी-जीसीए अैार एमडीएस यूनिवर्सिटी)
प्रदूषण स्तर मानक...........
बहुत अच्छा : 0-50, संतोषजनक-51-100, औसत : 101 से 200, खराब : 201-350, बहुत खराब : 351-500, जहरीला : 500 से ज्यादा
बढ़ रही वाहनों की संख्या
वर्ष 2000-01 में अजमेर में परिवहन से पंजीकृत वाहनों की संख्या 2 लाख के आसपास थी। बीते 16 साल में यह तादाद बढकऱ 7 लाख तक पहुंच गई है। यदि इसमें नवम्बर तक पंजीकृत दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया वाहनों की संख्या जोड़ें तो संख्या 7.40 लाख तक पहुंच सकती है।
Published on:
20 Nov 2018 10:28 am
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