
MINISTER NAROTTAM
अजमेर. भाजपा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वोट बैंक में सेंध मारने में जुट गई है। अनुसूचित जाति व जनजाति आरक्षित सीटों में दलित वोट बैंक का मतदान प्रतिशत बढ़ाने के साथ अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी ज्यादा फोकस किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश व देश के बड़े दलित नेताओं के संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में अधिकाधिक कार्यक्रम करवाना है।
केन्द्र सरकार की योजनाओं के साथ अजा/जजा के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों को भुनाने के लिए कार्यकर्ताओं को भी अजा/अजजा (दलित) बहुल बस्तियों में सघन संपर्क एवं योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। केन्द्र की योजनाओं में केन्द्र बिन्दु ‘गरीब’ को रखने की बात कहने के साथ दलित समाज को जोडऩा है।
अनुसूचित जाति व जनजाति मोर्चा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन 2 से 3 घंटे अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में काम करने एवं घर-घर संपर्क की हिदायत दी गई है। प्रदेश आलाकमान का मानना है कि भाजपा के परंपरागत वोटों की चिंता के साथ पिछड़े व गरीब तबके से जुड़े लोगों पर भी बेहतर ध्यान दिया गया एवं उनके बरसों पुराने अटके कामों को पूरा करवा दिया जाता है तो वे पार्टी के साथ मन से भी जुड़ेंगे। वहीं केन्द्र व प्रदेश की ओर से खासकर उज्ज्वला योजना के माध्यम से दलित समाज की महिलाओं को अधिकाधिक लाभान्वित करने पर जोर दिया जा रहा है।
भाजपा की महिला कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से भी महिला समूहों के साथ वार्ता, उनकी बैठकें की जा रही है। अनुसूचित जाति, जनजाति व वर्ग की महिलाओं के साथ स्वयं सहायता समूहों को भी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर चूल्हे (रसोई) तक संपर्क पर जोर दिया जा रहा है। भाजपा की ओर से प्रदेश के दलित समाज के नेताओं, मंत्रियों के कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जा रहा है।
अजमेर लोकसभा चुनाव में भाजपा ने रणनीति बनाई कि संबंधित बाहुल्य क्षेत्र में मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक, समाज के प्रमुख नेता, पदाधिकारी का कुछ दिनों का पड़ाव इन्हीं क्षेत्रों में निश्चित कर दिया। इन कार्यक्रमों में संबंधित मोर्चा के जिला एवं प्रदेश स्तर के नेताओं की भी मौजूदगी निश्चित की गई है।
Updated on:
17 Sept 2018 10:29 am
Published on:
17 Sept 2018 10:29 am
