16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रशासनिक कामकाज को स्मार्ट बना रहा राजस्व मंडल

- ऑनलाइन ही होगा पत्रावलियों का नियमित निष्पादन राजस्व मंडल में ई-कोर्ट मैन्युअल सिस्टम के ऑनलाइन होने के बाद अब प्रशासनिक कामकाज को स्मार्ट बनाया जा रहा है। मुख्य सचिव ऊषा शर्मा के निर्देश पर ई-फाइलिंग सिस्टम परीक्षण के दौर में है। इससे फाइल के त्वरित निष्पादन, विभागवार लोकेशन जानने में सहूलियत हो रही है।

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Dilip Sharma

Mar 25, 2023

rajasthan high court: नकल गतिविधियों में संलिप्तता का मामलाः पांच आरोपियों की जमानत खारिज

rajasthan high court: नकल गतिविधियों में संलिप्तता का मामलाः पांच आरोपियों की जमानत खारिज

अजमेर. राजस्व मंडल में ई-कोर्ट मैन्युअल सिस्टम के ऑनलाइन होने के बाद अब प्रशासनिक कामकाज को स्मार्ट बनाया जा रहा है। मुख्य सचिव ऊषा शर्मा के निर्देश पर ई-फाइलिंग सिस्टम परीक्षण के दौर में है। इससे फाइल के त्वरित निष्पादन, विभागवार लोकेशन जानने में सहूलियत हो रही है। नए वित्तीय वर्ष से मंडल से सभी पत्रावलियाें पर ई-सिस्टम से ही कामकाज होगा। इस प्रणाली के जरिए जयपुर या अन्य शहरों में भेजे जाने वाली डाक व्यवस्था पर भी लागू जाएगा।

उप निबंधक ओम प्रभा ने बताया कि राजस्व मंडल में राज्य के राजस्व अधिकारियों, उपखंड अधिकारियों, तहसीलदार सहित गिरदावर आदि की पत्रावलियों का आदान-प्रदान होता है। ई-फाइलिंग सिस्टम का प्रारंभिक चरण शुरू हो चुका है। पत्रावली पर अधिकारियों-कर्मचारियों की टिप्पणी, अंतिम आदेश या निर्देश की जानकारी ऑनलाइन ली जा रही है। राजस्व मंडल के निबंधक महावीर प्रसाद इसकी देखरेख कर रहे हैं। जल्द निबंधक, अतिरिक्त निबंधक व उप निबंधकों के कार्यालयों से फाइलों का ई-कार्य पूर्णत: शुरू हो जाएगा।मिनट-टू-मिनट प्रोसेस पर निगरानी

ई-फाइलिंग सिस्टम के तहत कोई अधिकारी या कर्मचारी पत्रावली को अपने पास अनावश्यक रूप से नहीं रोक सकेगा। फाइल लोकेशन सिस्टम में मिनट-टू-मिनट निगरानी का सिस्टम भी शामिल है। पत्रावली के आने, अफसर के कंप्यूटर पर पहुंचने, पत्रावली पढ़कर टिप्पणी करने तक का समय अंकित रहेगा। इससे पत्रावली किस विभाग में कितनी देर रही इसका पता लग सकेगा।

ई-फाइलिंग से यह फायदे

- पत्रावलियों का हो सकेगा त्वरित निस्तारण

- मंडल में होगा कागज का कम इस्तेमाल- फाइल फटने, खोने अथवा खराब होने की स्थिति नहीं

- कर्मचारियों के अवकाश पर होने पर भी निस्तारण संभव

- सर्वर पर स्टोर रहेगा आवश्यक डाटा, बैकअप लेना आसान

डीएलआरएमपी पहले ही ऑनलाइन

मंडल में पत्रावलियों का डिजिटलाइजेशन व मॉर्डनाइजेशन कार्य पहले ही ऑनलाइन है। राजस्व रिकार्ड की प्रति ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है। अधीनस्थ राजस्व अदालतों में भी यह प्रणाली से जोड़ी गई है, जिससे गांव-ढाणी तक कृषक या आवेदक को राजस्व रिकार्ड उपलब्ध कराया जा सके।

आंकड़ों की जुबानी

300 से 500 फाइल का होता है नियमित मूवमेंट

1- निबंधक

1 - अतिरिक्त निबंधक

3 - उप निबंधक

11 - आरटीएस, स्टोर, इन्क्वायरी, रिट, प्रशासन, एलआर, ज्यूडिशियल, लेखा, सांख्यकी, पूल, आईटी.