21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

निकाय चुनाव : राजनीतिक सरगर्मियां तेज, सक्रिय हुए उम्मीदवार

राजनीतिक दलों में बढ़ी हलचलें, टिकटों के लिए जता रहे दावेदारी राज्य के 11 जिलों में निर्वाचन विभाग की ओर से नगर निकाय की घोषणा करने के साथ ही चुनाव लडऩे वाले व्यक्ति सक्रिय हो गए हैं। अभी तक यह संशय चल रहा था कि नगर निकाय चुनाव जनवरी या फरवरी में हो सकते हैं। इस कारण राजनीतिक सरगर्मिंया तेज हो गई हैं। उम्मीदवारों ने तो वार्ड में जनसंपर्क शुरू कर दिया है। दावेदार दोनों प्रमुख दलों के नेताओं से संपर्क साधने में जुट गए हैं।

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Dilip Sharma

Nov 10, 2020

Local Body Election : फिर घटाई वार्ड सीमांकन और पुर्नगठन की समय सीमा, अब 5 जनवरी तक पूरा करना होगा Homework

Local Body Election : फिर घटाई वार्ड सीमांकन और पुर्नगठन की समय सीमा, अब 5 जनवरी तक पूरा करना होगा Homework

धौलपुर.राज्य के ११ जिलों में निर्वाचन विभाग की ओर से नगर निकाय की घोषणा करने के साथ ही चुनाव लडऩे वाले व्यक्ति सक्रिय हो गए हैं। अभी तक यह संशय चल रहा था कि नगर निकाय चुनाव जनवरी या फरवरी में हो सकते हैं। इस कारण राजनीतिक सरगर्मिंया तेज हो गई हैं। उम्मीदवारों ने तो वार्ड में जनसंपर्क शुरू कर दिया है। दावेदार दोनों प्रमुख दलों के नेताओं से संपर्क साधने में जुट गए हैं। कोई युवा तो कोई सत्ताधारी पार्टी का कार्यकर्ता होने पर टिकट की दावेदारी जता रहा है। कई टिकट नहीं मिलने की दशा में निर्दलीय के लिए ताकत झोंक रहे हैं। आम लोग भी एेसे उम्मीदवारों के पक्ष में होने के आश्वासन दे रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के चलते अगस्त माह में होने वाले निकाय चुनाव निर्वाचन विभाग ने स्थगित कर दिए थे। इसके बाद पंचायत समिति व जिला परिषद चुनावों की घोषणा कर दी लेकिन धौलपुर जिले में बसेड़ी में तिमासिया सरपंच की ओर से हाइकोर्ट में रिट लगाने के कारण वहां पर घोषित की गई नगरपालिका पर स्थगन आदेश दे दिया। इससे जिले भर में पंचायत समिति व जिला परिषद चुनाव फिलहाल नहीं कराए जा रहे हैं। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद ही यहां पर चुनाव कराए जा सकेंगे। ऐसे में अब सबकी नजर निकाय चुनाव पर टिक गई है।

राजनीतिक दल भी मांगने लगे आवेदन
नगर निकाय चुनाव में मैदान में ताल ठोकने वाले उम्मीदवार तो सक्रिय हो ही गए हैं, वही राजनीतिक दलों में भी हलचल पैदा हो गई है। अभी तक चुनावों की घोषणा का इंतजार कर रहे पार्टी पदाधिकारी भी सक्रिय होकर आवेदन मांगने में जुट गए हैं। कांग्रेस की ओर से आवेदन के लिए पार्टी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों को अधिकृत भी कर दिया है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी जिला कार्यालय में टिकट के लिए आवेदन मांगे हैं।

कइयों ने बदले वार्ड
निवर्तमान बोर्ड में पार्षदों में से कई के वार्ड आरक्षित होने के कारण उन्होंने दूसरे वार्डों की ओर रुख कर लिया है। वे वहां पर लोगों को अपने पुराने वार्ड में कराए विकाय कार्यों की दुहाई देकर उनका समर्थन करने की बात कह रहे हैं। हालांकि मतदाता भी सभी उम्मीदवारों को उनके साथ रहने पर हामी भर रहे हैं। वहीं कई स्थानीय उम्मीदवारों को भी प्राथमिकता देने की बात कह रहे हैं। एेसे में कई उम्मीदवारों को सपनों पर पानी फिर सकता है।

क्षेत्रीय समस्याओं को दूर करने के लिए भागदौड़

छोटे-छोटे कार्यों के लिए परिषद के चक्कर चुनाव लडऩे के इच्छुक निवर्तमान पार्षद तथा नए उम्मीदवार परिषद अधिकारियों के यहां पर अपने वार्डों में छोटे-छोटे कार्य कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। जिससे मतदाताओं में उनके प्रति विश्वास पैदा हो सके। पुराने पार्षद अधिकारी व कर्मचारियों को अपने पुराने सम्बंधों की दुहाई दे रहे हैं तो कई अनुनय-विनय कर रहे हैं। अपने वार्डों में रह रहे लोगों के खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने, बीपीएल का प्रार्थना पत्र स्वीकृत कराने के अलावा नाली, खरंजा, लाइट, नाली, सडक़ आदि सहित सफाई कार्यो के काम लेकर पहुंच रहे हैं।
इनका कहना है

हां, कई निवर्तमान पार्षद तथा नए उम्मीदवार वार्डों के कार्य के आ रहे हैं। जो कार्य उचित हैं और जिससे लोगों को राहत मिल सकती है। उन कार्यों को परिषद अपने स्तर पर ही करा रही है। सफाई अभियान चल रहा है। इसके अला फेरोकवर, नाली निर्माण, पेंचिंग कार्य पूर्व से ही जारी है। ऐसे में किसी के दवाब के बिना लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

सौरभ जिंदल, आयुक्त, नगर परिषद, धौलपुर।