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बुक्स छपने से लीक हुआ सिलेबस, गुपचुप जांच करा रहा राजस्थान बोर्ड

किताबों की होनी है प्रिंटिंग। गोपनीय तरीके से निजी प्रकाशकों ने छपवा ली 10वीं और 12वीं की पुस्तकें।

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raktim tiwari

Jun 30, 2017

RBSE books syllabus leak 2017

RBSE books syllabus leak 2017

राजस्थान में इस साल दसवीं और बारहवीं कक्षा का नया पाठ्यक्रम किताबें छपने से पहले ही लीक हो गया। गोपनीयता और विश्वसनीयता का दम भरने वाले माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान में भनक लगते ही खलबली मच गई। हालांकि शिक्षा बोर्ड ने इसे सार्वजनिक तो नहीं किया अलबत्ता पाठ्यक्रम लीक होने जैसी बड़ी घटना किस स्तर पर हुई इसकी गोपनीय तरीके से जांच बैठा ली।

अब बोर्ड प्रशासन को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। नया पाठयक्रम लीक होते ही निजी प्रकाशकों ने बड़ी संख्या में नई पुस्तकें छपवाकर बाजार में उतार दी। बोर्ड की ओर से पाठ्यपुस्तक मंडल से अधिकृत पुस्तकें छपकर आती उससे पहले ही अधिकांश विद्यार्थी निजी प्रकाशकों की अनधिकृत पुस्तकें खरीद चुके थे।

बोर्ड ने लिखवाई थी पुस्तकें

राज्य सरकार ने पिछले साल नवीं और ग्यारहवीं का नया पाठ्यक्रम लागू किया था और इस साल नए शिक्षा सत्र से दसवीं और बारहवीं कक्षा का भी नया पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी की थी। नया पाठ्यक्रम तैयार करने और पुस्तकें लिखवाने का जिम्मा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को सौंपा गया था। अलबत्ता पुस्तकों का प्रकाशन राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल को करना था। बोर्ड की ओर से पिछले साल से ही नए पाठयक्रम को लेकर कवायद शुरू हो चुकी थी और विषय विशेषज्ञों से गोपनीय तरीके से पुस्तकें भी लिखवाई जा रही थी।

पाठ्यक्रम तैयार होते ही लीक

बोर्ड का नया पाठक्रम सुनियोजित तरीके से लीक हुआ है। विशेषज्ञों द्वारा पुस्तकें लिखने का कार्य तो बहुत पहले प्रारंभ हो चुका था। लेकिन पाठ्यक्रम को अंतिम रूप से स्वीकृति मिलने के बाद ही यह लीक हो गया। जानकारी के अनुसार पाठ्यपुस्तक मंडल की पुस्तकों और निजी प्रकाशकों की पुस्तकों में ज्यादा फर्क नहीं है।

बोर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल

दरअसल पाठयक्रम लीक होने की घटना से शिक्षा बोर्ड की विश्वसनीयता पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा प्रणाली की पूरे देश में सराहना की जाती है। इसके अलावा बोर्ड तीन बार अध्यापक पात्रता परीक्षा आरटेट और रीट का आयोजन कर चुका है। यही वजह रही कि पाठ्यक्रम लीक होने की घटना को लेकर बोर्ड प्रशासन ने अधिक हल्ला नहीं मचाया और गुपचुप तरीके से जांच करवाने का फैसला किया।

बोर्ड ने किया था आगाह

पाठ्यक्रम लीक होने और पाठ्यपुस्तक मंडल की पुस्तकों से पहले ही निजी प्रकाशकों की पुस्तकें बाजार में आने से चिंतित बोर्ड प्रशासन ने सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कर विद्यार्थियों और अभिभावकों को बाकायदा आगाह भी किया कि वे बोर्ड का लोगो देखकर ही पुस्तकें खरीदें। यह अलग बात है कि निजी स्कूलों में पढऩे वाले लाखों विद्यार्थी इससे पहले ही पुस्तकें खरीद चुके थे।

पाठ्यक्रम लीक हुआ या नहीं इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में अगर मामला सही पाया गया तो संबंधित प्रकाशकों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। बोर्ड स्तर पर लापरवाही हुई होगी तो संबंधित कार्मिकों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।

-प्रो.बी.एल. चौधरी, अध्यक्ष माशिबो राजस्थान

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