
jobs and career in 2021
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
कोरोना और लॉकडाउन की वजह से मार्च से अगस्त 2020 तक भले नौकरियों का ग्राफ नहीं बढ़ा हो, लेकिन अक्टूबर-नवंबर से रोजगार फिर रफ्तार पकडऩे लगे हैं। आईआईटी, आईआईएम, कॉलेज-यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों में अध्ययनरत युवाओं के लिए यह अच्छे संकेत है। 2021 में भारत और वैश्विक स्तर पर नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। खासतौर पर रिटेल, ऑटो, प्रॉपर्टी, आईटी में नए जॉब ट्रेंड्स मिलेंगे। इसके लिए युवाओं को भी तैयार रहने की जरूरत है।
2021-22 में इन क्षेत्रों में बढ़ेंगे नए रोजगार के अवसर
ऑनलाइन गेमिंग-25 हजार से ज्यादा प्रोफेशनल को देती है रोजगार 2022 में संख्या 50 हजार तक पहुंचेगी
वजह-2013 तक ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री का कारोबार 0.3 मिलियन डॉलर था। लोगों की बढ़ती रुचि के कारण यह 2020 में बढ़कर 3 मिलियन डॉलर हो चुका है।
ऑटो इंडस्ट्री प्रतिवर्ष 48 लाख रोजगार देती है, 2021 में यह संख्या 50 लाख पहुंचेगी
वजह-कोरोना संक्रमण के चलते चौपहिया और दोपहिया वाहन खरीद में 3.5 से 5.0 प्रतिशत की वृद्धि
प्रॉपर्टी-2021-22 में रियल एस्टेट में 17 लाख जॉब आएंगे। इंडस्ट्री देगी 7.5 करोड़ का रोजगार
वजह-छोटे आवासीय और मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में बढ़ रहा लोगों का निवेश
गारमेंट-12.5 प्रतिशत की ग्रोथ होगी, इंडस्ट्री के मौजूदा 1.2 का आंकड़ा पहुंचेगा 1.5 करोड़ तक
वजह-कई इंडियन आउटलेट का अब छोटे-मझौले शहरों पर ध्यान, भारतीय कपड़ों की डिजाइन-फेब्रिक की देश-विदेश में बढ़ रही मांग
डिजिटल ई-बुक्स-कोरोना महामारी में ई-बुक्स/ई-कंटेट ही मददगार साबित हुए हैं। नौजवानों और क्रिएटिव लोगों के लिए 65 से 75 प्रतिशत तक रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
वजह-स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, भर्ती एजेंसियों, साहित्यिक और अन्य संस्थान धीरे-धीरे डिजिटल कंटेंट की तरफ बढ़ रही हैं। 65 प्रतिशत तक रॉयल्टी कमाने का अवसर मिलता है।
2021-22 का संभावित बिजनेस इम्पैक्ट....
बैंकों का एनपीए रहने की उम्मीद -1.5 से 3.5 प्रतिशत
बढ़ेगा सर्विस सेक्टर निर्यात-5.5 से 7.5 प्रतिशत
सोने के आयात में बढ़ोतरी-55 से 65 प्रतिशत
मोबाइल-आईटी सेक्टर व्यवसाय-45 से 65 प्रतिशत
घरेलू सर्विस सेक्टर में इजाफा-35.2 से 45.2 प्रतिशत
सरकारी सेवाओं में जॉब्स-4.5 से 7.5 प्रतिशत
कॉरपॉरेट सेक्टर में नए जॉब ट्रेंड्स-5.2 से 7.5 प्रतिशत
(स्त्रोत: एमडीएस यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट विभाग )
वर्क फ्रॉम होम के तैयार हो रहे हैं एप्स
कोरोना संक्रमण ने दुनिया को कामकाज का नया कल्चर दिया है। पहले वर्क फ्रॉम होम को प्रायोगिक तौर पर गूगल और कुछेक कम्पनियों ने (0.5 से 1 प्रतिशत तक) शुरू किया था। साल 2020 में यह भारत की बड़ी-छोटी कम्पनियों और बहुराष्ट्रीय नेशनल कम्पनियों ने तेजी से (35 से 45 प्रतिशत तक)अपनाया है। आईटी क्षेत्र तो वर्क फ्रॉम होम के नए एप्स बना रही है।
बूस्टेड एप
-यह एप काफी मददगार साबित होने वाला है। इससे किसी दफ्तर/कम्पनी की प्रतिदिन, सप्ताह अथवा महीने की गतिविधियों को संगठित कर देखा जा सकता है। जॉब टास्क/कामकाज की रफ्तार परखी जा सकती है। उत्पादन क्षमता/कार्यदक्षता में सुधार भी किया जा सकता है।
वॉइस नोटबुक-कामकाज के दौरान नोटिंग करना आसान होता है। इसके लिए वॉइस नोटबुक बेहतरीन विकल्प है। वॉइस रिकग्नेशन को अब घर के दरवाजों, बैंक लॉकर, कम्प्यूटर, मोबाइल, टीवी में इस्तेमाल किया जा रहा है। 2021-22 तक यह सरकारी/निजी दफ्तरों में हाजिरी में भी इस्तेमाल होगा। इससे नोट्स सेंड करने या शेयर करना भी आसान है।
Published on:
18 Nov 2020 09:47 am
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