
अन्नपूर्णा को बर्खास्त करने की तैयारी, थमाई चार्जशीट
अजमेर. अजमेर विद्युत वितरण निगम में सामने आए 2 करोड़ 28 लाख रुपए के गबन के मामले में अब मुख्य आरोपित निलम्बित सहायक प्रशासनिक अधिकारी अन्नपूर्णा सैन को नौकरी से निकालने की तैयारी की जा रही है। उसे धारा 7 के तहत मेजर चार्जशीट जारी की गई है। इसके अलावा मामले की जांच कर रही क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस को ऑडिट रिपोर्ट तथा संदिग्ध पाए गए 65 खातों की सूची भी सौंपी गई है। निगम ने नवम्बर माह में जब अन्नपूर्णा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था तो गबन की राशि 96 लाख रुपए ही सामने आई थी। इसके बाद निगम ने दो ऑडिट पार्टियों का गठन किया। करीब डेढ़ माह तक चली जांच में 65 खाते संदिग्ध पाए गए जिनमें लाखों रुपए का लेन-देन हुआ जबकि गबन का आंकड़ा बढकऱ 2 करोड़ 28 लाख पहुंच गया।
लेखाधिकारियों को थमाए आरोप-पत्र
सेलरी बिल के जरिए हुए करोड़ों रुपए के गबन प्रकरण में अब अन्नपूर्णा के अलावा लेखाशाखा के 15 अधिकारियों को आरोप पत्र जारी किए गए हैं। इनमें निगम मुख्यालय के वरिष्ठ लेखाधिकारी जितेन्द्र मकवाना, लेखाधिकारी अशोक तिवारी, सुरभि पारीक, नीता कृष्णानी, कीर्ति वर्मा, तृप्ति तुनगारिया, मिन्टू जोधा, पल्लवी, आशीष कुमार शर्मा, चन्द्र प्रकाश शर्मा, शीतल जैन, स्वाति अग्रवाल तथा हाथीभाटा स्थित सर्किल कार्यालय में नियुक्त पवन कुमार शर्मा, शीतल जैन, रजनी यादव, स्वाति अग्रवाल तथा आर.सी.पारीक को आरोप पत्र जारी किए। इन सभी पर लापरवाही बरतने का अरोप है। सेवानिवृत्त लेखाधिकारी को रामवतार अग्रवाल को भी चार्जशीट जारी की गई है। अन्नपूर्णा ने अग्रवाल के साथ मिलकर स्टीफन चौराहे पर ब्यूटी सैलून खोला था। हालांकि यह सैलून अब बंद हो चुका है।
Published on:
20 Jan 2019, 12:00 PM IST
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