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GOOD NEWS-स्कूल में मिलेंगी सीबीएसई और एनसीईआरटी की बुक्स

एनसीईआरटी के पोर्टल पर पंजीयन कराने के अलावा किताबों की संख्या बतानी होगी। किताबें बेचने पर सीबीएसई स्कूल की मान्यता निरस्त करेगा।

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cbse and ncert books in schools

cbse and ncert books in schools

रक्तिम तिवारी/अजमेर।

सीबीएसई से सम्बद्ध स्कूलों में अब एनसीईआरटी और सीबीएसई की किताबें उपलब्ध होंगी। स्कूल केवल यही किताबें विद्यार्थियों को मुहैया कराएंगे। इसके लिए इन्हें एनसीईआरटी के पोर्टल पर पंजीयन कराने के अलावा किताबों की संख्या बतानी होगी। दूसरे प्रकाशकों की किताबें बेचने पर सीबीएसई स्कूल की मान्यता निरस्त करेगा।

सचिव अनुराग त्रिपाठी ने जारी आदेश में कहा कि बीते साल 12 अप्रेल, इस साल 19 अप्रेल और 9 अगस्त को सीबीएसई और एनसीईआरटी किताबों को लेकर आदेश जारी हुए। इस संदर्भ में बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट की है। सत्र 2018-19 के तहत स्कूल लघु आउटलेट (कियोस्क) के जरिए विद्यार्थियों को सिर्फ एनसीईआरटी और सीबीएसई की किताबें मुहैया करा सकेंगे।

इसके लिए उन्होंने एनसीईआरटी की वेबसाइट पर पंजीयन कराने के साथ-साथ विद्यार्थियों के अनुसार किताबों की संख्या देनी होगी। स्कूल पेन, पैंसिल, रजिस्टर, कॉपी, रबर-शॉपनर जैसी सामग्री भी रख सकेंगे। स्कूलों को इन्हें मूल दर पर ही विद्यार्थियों को उपलब्ध कराना होगा।

वरना होगी मान्यता निरस्त

त्रिपाठी ने पत्र में साफ किया है कि सीबीएसई-एनसीईआरटी के अलावा मनमर्जी या अन्य प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध कराने पर रोक रहेगी। जबरन दूसरी किताबें थोपने की शिकायत पर स्कूल की मान्यता निरस्त होगी। संबंधित स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नहीं कर सकेंगे बाध्य

पत्र में बताया गया है कि अभिभावक चाहें तो स्कूल या खुले बाजार से एनसीईआरटी-सीबीएसई की किताबें और अन्य सामग्री खरीद सकेंगे। स्कूलों द्वारा परिसर या किसी खास दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य किए जाने पर कार्रवाई होगी। ऐसी स्कूल को डिबार किया जाएगा।

पहले लगाया था प्रतिबंध
सीबीएसई ने पूर्व स्कूलों में किताबें और अन्य सामग्री बेचने पर रोक लगाई थी। इसका स्कूलों ने दूसरा रास्ता निकाल लिया। ज्यादातर स्कूल ने निजी संचालकों अथवा दुकानों से संपर्क कर वहां किताबें-कॉपियां खरीदने का करार कर लिया। इसकी भी शिकायतें सीबीएसई के पास पहुंची पर कोई बोर्ड ने खास कार्रवाई नहीं की। इसके चलते अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई। लिहाजा सीबीएसई ने अब स्कूल में ही किताबें उपलब्ध कराने का फैसला किया है।