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Fraud- नौकरी का झांसा देकर युवाओं से धोखाधड़ी, मैनेजर समेत महिला गिरफ्तार

धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

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अजमेर

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Manish Singh

Sep 27, 2022

Fraud- नौकरी का झांसा देकर युवाओं से धोखाधड़ी, मैनेजर समेत महिला गिरफ्तार

Fraud- नौकरी का झांसा देकर युवाओं से धोखाधड़ी, मैनेजर समेत महिला गिरफ्तार

अजमेर. शहर में बेरोजगार युवाओं को नौकरी लगवाने का झांसा देकर धोखाधड़ी का शिकार बनाने वाली गैंग सक्रिय है। सदर कोतवाली थाना पुलिस ने पीडि़त की शिकायत पर महिला और युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि कम्पनी के डायरेक्टर की तलाश में जुटी है। प्रकरण में पुलिस के सामने दो पीडि़त और सामने आए। गिरोह ने निजी बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक से एक लाख 40 हजार रुपए ऐंठना सामने आया।

थानाप्रभारी सुधीर कुमार उपाध्याय ने बताया कि नौकरी का झांसा देकर धोखाधड़ी के मामले में जॉब अटेम्प कम्पनी के मैनेजर पाली जिले के जैतारण निवासी हैदर अली, महिला कर्मचारी ईदगाह रातीडांग निवासी शाहिन को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ कोटा के बोरखेड़ा गांधी कॉलोनी निवासी समीर अहमद ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने प्रकरण में अजमेर ब्रांच के मैनेजर हैदर अली व शाहिन को गिरफ्तार कर लिया।

कोटा के सोलर प्लांट में नियुक्त का झांसा

पीडि़त समीर अहमद ने रिपोर्ट में बताया कि उसने इलेक्ट्रोनिक्स में आईटीआई की है। तीन माह पहले उसे आए कॉल में कॉलर ने निजी बैंकों में नौकरी दिलाने के लिए ऑनलाइन दस्तावेज मांगे। कॉलर ने 1850 रुपए ड्रेस कोड चार्ज बताते हुए जयपुर झोटवाडा में प्रशिक्षण की बात कही। समीर ने रवि नामक व्यक्ति को ऑनलाइन भुगतान कर दिया। दो दिन बाद वह प्रशिक्षण के लिए जयपुर पहुंचा, जहां जॉब अटेम्प कम्पनी के डायरेक्टर अब्दुल यूसुफ खान ने पुलिस सत्यापन के लिए 500 रुपए लेकर 15 दिन का प्रशिक्षण अजमेर कालाबाग में करवाने के बाद कोटा के सोलर प्लांट में नियुक्ति की बात कही।

वसूली के साथ घुमाते रहे आरोपी

वह अजमेर में कम्पनी मैनेजर हैदर अली से कालाबाग िस्थत कम्पनी के ऑफिस में मिला। हैदर अली ने 15 दिन के प्रशिक्षण के लिए 3500 रुपए का खर्च बताया। उसने कोटा में सीधे नौकरी ज्वाइन करने के लिए 4 हजार 500 रुपए की बात कही। उसने रकम जमा करवा दी। हैदर अली ने 7 दिन में ज्वाइनिंग लेटर, आधार कार्ड कोरियर से घर आने की बात कही। पन्द्रह दिन बाद उसने अली को कॉल किया तो उसने 15-20 दिन लगना बताया। डेढ़ माह बाद कॉल किया तो उसने उसे फिर अजमेर बुला लिया। उसने 2 हजार 550 रुपए ड्रेस कोड का ऑनलाइन भुगतान लिया। इसके बाद 5 हजार 100 रुपए ऑनलाइन ले लिए। नौकरी के नाम पर हो रही वसूली पर उसे संदेह हुआ। पड़ताल में आरोपियों का झूठ सामने आ गया।

भर्ती के नाम पर धोखाधड़ी

पीडि़त समीर ने बताया कि आरोपी निजी बैंक की ब्रांच के नाम पर, रेलवे पुलिस, सीआरपीएफ, आरपीएफ, गुप डी के पेपर लीक कराने के बहाने छात्रों से 80 हजार रुपए लेते हैं और नौकरी नहीं देते। गिरोह की गुड़गांव, दिल्ली, जोधपुर, अजमेर, मेहसाना में ब्रांच है। उससे डायरेक्टर अब्दुल यूसुफ, मैनेजर हैदर अली, शाहिन ने 12 हजार 650 रुपए की ठगी की।

दो पीडि़त और आए सामने

थानाप्रभारी उपाध्याय ने बताया कि प्रकरण में मांगलियावास अर्जुनपुरा निवासी कविराज सिंह और भगवती सिंह ने भी कोतवाली थाने पहुंच कर शिकायत दी। उन्होंने बताया कि नौकरी के नाम पर जालसाल गिरोह ने निजी बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर प्रत्येक से एक लाख 40 हजार रुपए की वसूली। उन्हें ना नौकरी मिली ना उनका पैसा लौटाया जा रहा है। पुलिस ने दोनों पीडि़तों की शिकायत पर अनुसंधान शुरू कर दिया।