अजमेर. केन्द्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि राजस्थान की सरकार अस्थिर है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कुर्सी से चिपके रहना चाहते हैं, तो सचिन पायलट कुर्सी पकड़ना चाहते हैं। जब सत्ताधारी दल दो खेमों में बंट जाता है तो डवलपमेंट के साथ गवर्नेंस गायब हो जाती है। मेघवाल शनिवार को अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में शहरी पीएचसी के लोकार्पण के बाद पत्रकारों से मुखातिब हुए।
उन्होंने कहा कि गवर्नेंस के अभाव में दलितों एवं महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। कानून व्यवस्था बिगड़ गई है। कुर्सी के फेर में राजस्थान में अस्थिरता हो गई। सरकार अस्थिर हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के 92 विधायकों ने स्पीकर को इस्तीफे थमा दिए, लेकिन स्पीकर की ओर से इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए हैं। इस मामले को राज्यपाल के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि स्पीकर की ओर से इस्तीफे स्वीकार नहीं करने के मामले में दिल्ली भी जाएंगे। जरूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे।
समिति भेजेगी प्रदेश को रिपोर्ट
केन्द्रीय राज्यमंत्री मेघवाल ने कहा कि अजमेर संभाग ही नहीं राजस्थान में भाजपा के कई निष्कासित व अन्य वरिष्ठ नेता हैं, जो पुन: भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। इसकी सूची भी लम्बी है। भाजपा संगठन की ओर से बनाई गई समिति इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर प्रदेश संगठन को सौंपेगी। इसमें विधायक व सांसद का चुनाव लड़ने वाले ऐसे वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता और अन्य दल से चुनाव लड़कर वापस आने वाले भी शामिल हैं। समिति की ओर से ऐसे कार्यकर्ताओं को लेकर समीक्षा की जाएगी। जिसमें स्थानीय यूनिट के विचार, पार्टी में आने से भाजपा को कितना फायदा होगा, उनके गुण-दोष मेरिट के आधार पर समीक्षा कर रिपोर्ट सौंपनी है। ऐसे कार्यकर्ताओं का कितना पॉजिटिव संदेश जाएगा इस पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि अजमेर संभाग में भी कई नाम हैं। जल्द नाम सामने आएंगे।