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क्लिनिकल मेडिसिन में शोध को मिलेगा बढ़ावा

चिकित्सक फिजिकल एक्जामिनेशन के बाद लिखेंगे जांचें, इंडियन एकेडमी ऑफ क्लिनिकल मेडिसिन विभाग राजस्थान शाखा के अध्यक्ष डॉ. माहेश्वरी से बातचीत

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क्लिनिकल मेडिसिन में शोध को मिलेगा बढ़ावा

क्लिनिकल मेडिसिन में शोध को मिलेगा बढ़ावा

अजमेर. इंडियन एकेडमी ऑफ क्लिनिकल मेडिसिन की राजस्थान शाखा के अध्यक्ष एवं जेएलएन मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. संजीव माहेश्वरी ने कहा कि क्लिनिकल मेडिसिन आज की जरूरत है। चिकित्सक अगर फिजिकल एक्जामिनेशन करके मरीज की जांचें लिखेंगे तो इलाज महंगा नहीं होगा, जांचों की कोस्ट कम आएगी। डॉ. माहेश्वरी ने राजस्थान पत्रिका से बातचीत में साझा की कुछ अहम बातें...

सवाल-क्लिनिकल मेडिसिन क्या है, इससे मरीज को क्या मिलेगा फायदा?जवाब -पुराने जमाने में नाड़ी वैद्य नाड़ी देख इलाज कर देते थे। अभी भी कई चिकित्सक फिजिकल एक्जामिनेशन करते हैं। बीमारी देख कर जांच कराते हैं। इससे मरीज की बेवजह जांचों से निजात मिलेगी।

सवाल-क्लिनिकल मेडिसिन की स्थापना से राजस्थान की जनता को क्या लाभ मिलेगा?

जवाब- राजस्थान में वर्तमान में 100 सदस्य हैं, जल्द 300 सदस्य बनाए जाएंगे। इससे क्लिनिकल मेडिसिन को बढ़ावा मिलेगा।

सवाल- मरीज का मर्ज अब जांच रिपोर्ट पर आधारित हो गया है? क्या यह सही है?

जवाब - हां, चिकित्सक भी मरीज से मर्ज पूछ कर जांच करवा लेते हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि मरीज के गोल्डन समय में अगर कोई लक्षण है तो जांच में आ सके।

सवाल- संस्था के गठन से नई पीढ़ी कैसे लाभान्वित होगी?जवाब -यूथ एवं मेडिकल स्टूडेंट्स को जोड़ेंगे। रिसर्च बढ़ेंगे, ताकि आमजनता तक इसका लाभ पहुंच सके।

सवाल- क्या यह सही है कि चिकित्सक जांचों पर निर्भर हो गए हैं?जवाब - कुछ हद तक यह ठीक है, आज चिकित्सक मरीज से मर्ज पूछ कर जांचें लिख देते हैं, इससे बेवजह की जांचों पर खर्च बढ़ रहा है, जांचों की संख्या बढ़ गई है, जबकि फिजिकल एक्जामिनेशन से कुछ हद तक जांचें कम हो सकती हैं। जांचों की कोस्ट भी बढ़ गई है। इलाज महंगा हो गया है। अब क्लिनिकल मेडिसिन एवीडेंस बेस्ड मेडिसिन बनी है।