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बोली सीएम…अजमेर में बनेगा एलिवेटेड रोड, 24 घंटे मिलेगा लोगों को पानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 29 करोड़ रुपए दे रही हूं यह गारंटी दो कि एक साल में सभी क्षेत्रों में 24 घंटे में नियमित जलापूर्ति हो जाएगी।

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24 hours water supply in ajmer soon

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मुख्यमंत्री ने कहा कि अजमेर की यातायात व्यवस्था सुधार करने के लिए जल्द एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 250 करोड़ मिलने के साथ काम शुरू हो जाएगा। शहर के सभी क्षेत्रों में एक साल में 24 घंटे के अंतराल पर नियमित पेयजल आपूर्ति भी की जाएगी। अजमेर जिले के दौरे के तीसरे दिन मुख्यमंत्री ने अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम में वार्ता की।

शहर में 24 घंटे में पेयजल की मांग पर अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि 79 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 29 करोड़ रुपए दे रही हूं यह गारंटी दो कि एक साल में सभी क्षेत्रों में 24 घंटे में नियमित जलापूर्ति हो जाएगी। रावणा राजपूत समाज, वैश्य/अग्रवाल समाज, ब्राह्मण समाज, राजपूत व प्रगतिशील राजपूत समाज आदि ने जनसंख्या के लिहाज से राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग की। अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के संवाद कार्यक्रम में राजपूत समाज के कई प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की हालांकि बड़े नेता नदारद रहे।

जांगिड़ ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों को बोलने का मौका नहीं मिलने एवं ओबीसी आरक्षण का लाभ की बात कहने पर सभागार के बाहर आकर नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं ने समझाइश कर उन्हें शांत करवाया। अल्पसंख्यक समाज में मुस्लिम, ईसाई, सिख समाज के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत कर आभार जताया। संवाद कार्यक्रम में शिक्षा एवं पंचायतराज राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, देवस्थान विभाग मंत्री राजकुमार रिणवां, संगठन के प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद पंवार, मेघराज लोहिया, महेश शर्मा, जिला कलक्टर गौरव गोयल भी मौजूद रहे।

अटके हैं दोनों मुद्दों

अजमेर में 24 घंटे जलापूर्ति का मुद्दा करीब तीन साल से अटका हुआ है। खुद सीएम ने सरकार बनने के बाद वर्ष 2014 में अजमेर में 24 घंटे जलापूर्ति की बात कही, लेकिन अफसर उसे अंजाम तक पहुंचाने में नाकामयाब रहे हैं। जलदाय विभाग तो हर बार तकनीकी कारण बताते हुए बच रहा है। जबकि कलक्टर गौरव गोयल विभाग के कामकाज पर कई बार नाराजगी जता चुके हैं। यही हाल ऐलिवेटेड रोड का है। शहरवासियों की बरसों पुरानी मांग पूरी नहीं हो हुई है। कुछ जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों के परस्पर टकराव, रिश्तेदारों की दुकानों का व्यापार खराब होने के तर्क एलिवेटेड रोड पर भारी पड़ रहे हैं।