
अजमेर. देवउठनी ग्यारस, अक्षय तृतीया,पीपल पूर्णिमा एवं अन्य अवसरों पर समाज में प्रचलित बाल विवाह की कुरीति की रोकथाम के लिए जिला मजिस्ट्रेट लोक बन्धु ग्रामीण स्तर पर कार्यरत व्यक्तियों और कार्मिकों के दल का गठन किया गया है।
गठित दल के कार्मिक अपने-अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमण करते रहेंगे तथा यह ध्यान रखेंगे कि कोई बाल विवाह नहीं हो पाए। गांव में किसी प्रकार की रंगाई पुताई हुई हो, किन्हीं बच्चे बच्चियों ने मेहन्दी लगा रखी हो, बच्चे स्कूल से अनुपस्थित चल रहे हो, किसी परिवार ने बैण्ड, ढोल, जीप, पण्डित, बस या अन्य कोई वाहन आदि बुक कर रखे हो तो भ्रमण के दौरान पता लगाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रस्तावित विवाह नाबालिग बच्चों का तो नहीं है। उपखण्ड मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, विकास अधिकारी एवं संबंधित थानाधिकारी भी अपने क्षेत्र के लिए पूर्णतया जिमेदार रहेंगे।
Published on:
12 Nov 2024 12:12 pm
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