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World Earth Day: मां के आंचल जैसी है धरती, फिर क्यों बर्बाद करने पर तुले इसको

पृथ्वी की तुलना माता के आंचल से की गई है जो हम सभी को अपने संरक्षण में रखती है।

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programme on earth day

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पृथ्वी पर निर्धारित अनुपात से अधिक भार होने पर इसे नुकसान हो सकता है। पृथ्वी को संजो कर रखने के लिए इस पर अत्यधिक भार ही इसके नुकसान का कारण है। इसके लिए जनसंख्या पर नियंत्रण व पेड़ पौधों व संरक्षण जरूरी है जिससे पृथ्वी पर सभी मूल तत्वों की रक्षा हो सके। मनुष्य के लोभ लालच व व्यावसायिकरण के कारण पृथ्वी अपना स्वरूप खोती जा रही है। पृथ्वी दिवस पर सूचना केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पृथ्वी की तुलना माता के आंचल से की गई है जो हम सभी को अपने संरक्षण में रखती है। इसका संरक्षण बहुत जरूरी है।

पृथ्वीराज फ ाउंडेशन, इंटेक अजमेर चैप्टर व लोक कला संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सूचना केंद्र में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलक्टर गौरव गोयल ने की। इस मौके पर गोयल ने कहा कि पृथ्वी पर जो सुख सुविधा हमें मिली हुई है वह हमारे पूर्वजों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रकृति प्रदत्त पेड़, पशु पक्षी, इंसान का पुनप्र्रयोग संभव है। ईश्वर की व्यवस्था अनुसार ही उपयोग करना चाहिए। कृत्रिम निर्माण आज भी पशु व इंसानों के लिए हानिकारक है।
आई जी मालिनी अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति ने हमें जो संपदा.दी है, उसे संरक्षित करना जरूरी है। अजमेर पर्यावरण व कला और संस्कृति के प्रति जागरुक है। उन्होंने बच्चों से पेड़ लगाने व पर्यावरण संरक्षण की सीख दी।

संगोष्ठी में बच्चों से कराए संकल्प
शिक्षाविद् डॉ. के.के. शर्मा ने विद्यर्थियों को पृथ्वी को स्वच्छ रखने के टिप्स दिए। इस मौके पर उन्होंने बच्चों को मंच पर बुलवाकर कुछ संकल्प कराए। उन्होंने बच्चों को सभी पर्व बिना पर्यावरण को हानि पहुंचाए मनाने, टपकते नलों या अन्य लीकेज को बंद करने, प्लास्टिक की थैलियों को कचरा पात्र में डालने, कम दूरी के लिए पैदल या साइकिल का इस्तेमाल, सूखे पत्ते नहीं जलाने, बिजली बर्बाद नहीं करने के संकल्प के साथ पेड़ पौधे लगाने का संकल्प कराया। राजस्थान पत्रिका के सम्पादकीय प्रभारी उपेन्द्र शर्मा ने पृथ्वी पर जनसंख्या के बढ़ रहे भार को घातक बताते हुए इस पर अंकुश लगाने की बात कही।

माय क्लीन स्कूल के सचिव सुरेश माथुर ने कहा कि ग्लोबल र्वामिंग और क्लाइमेट चेंज के प्रति सजगता जरूरी है। उन्होंने वस्तुओं के पुनर्चक्रित व पुनप्रयोग की जानकारी दी। इससे पूर्व पृथ्वीराज फ ाउंडेशन के संयोजक दीपक शर्मा ने संस्था की ओर से कराए गए रंग मल्हार, रंग लहर, फोटो प्रदर्शनी, हेरिटेज वॉक, अंतर विद्यालय प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। इस अवसर पर इंटेक के सदस्य विकास जैन द्वारा संकलित फि लाटेली एवं जैन धर्म की पुस्तक का विमोचन किया गया।

विरासत कला प्रदर्शनी एवं पारितोषिक वितरण

कलक्टर गोयल और आईजी मालिनी अग्रवाल ने विरासत दिवस के अवसर पर राजकीय संग्रहालय में आयोजित ड्राइंग प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया व श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। लोक कला संस्थान के निदेशक संजय कुमार सेठी ने बताया कि निर्णायक मेयो कॉलेज गल्र्स स्कूल के कला अध्यापक गायत्री टांक, निकुंज, रीना मुखर्जी रहे।

इस मौके पर गौरव गर्ग, अनिता भार्गव, ब्लॉसम स्कूल के निदेशक राजेश कश्यप को स्मृति चिह्न भेंट किया गया। सूचना एवं जनसंर्पक विभाग अजमेर के उपनिदेशक महेश शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इन्टेक अजमेर चैप्टर के कन्वीनर महेंद्र विक्रम सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सोमरत्न आर्य, अनिल जैन, अमित बजाज, ऋ षिराज सिंह, अलका शर्मा, मीनाक्षी मंगल , प्रियंका सेठी, कुसुम शर्मा, जेपी भाटी आदि मौजूद रहे।

यह रहे विजेता : ग्रुप ए में प्रथम जैस्मीन बानो, द्वितीय अक्षरा माहेश्वरी, तृतीय कृष्णा भारद्वाज, सांत्वना पुरस्कार कनक त्रिपाठी, मुजम्मिल, सान्वी शेखर विजेता रहे।
ग्रुप .बी : प्रथम हर्ष गुप्ता, द्वितीय दिया मधुकर, तृतीय किरण खत्री, सांत्वना पुरस्कार दीक्षा मंगलानी, पूर्विका जांगिड़, विशाल गुर्जर विजेता रहे।

ग्रुप सी : प्रथम खुशबू मेवाड़ा, द्वितीय ज्