
college fees deposit
अजमेर.
कोरोना संक्रमण स्थिति को देखते हुए राज्य के सरकारी कॉलेज में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया जारी है। एसपीसी-जीसीए ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया है।
लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के चलते उच्च शिक्षा विभाग ने द्वितीय, तृतीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर उत्तर्राद्र्ध के विद्यार्थियों को प्रोविजनल प्रवेश देने का फैसला किया है। सभी कॉलेज में प्रक्रिया जारी है। एसपीसी-जीसीए के प्राचार्य डॉ. एम.एल. अग्रवाल ने बताया कि बीए, बी.कॉंम और बीएससी संकाय के नियमित विद्यार्थियों ने मदस विश्वविद्यालय की वर्ष 2020 की परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरा था।
स्टूडेंट्स हुए प्रमोट
तीनों संकाय के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को द्वितीय, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को अस्थाई तौर पर प्रमोट किया गया है। यह विद्यार्थी मोबाइल पर एसएमएस मिलने पर ई-मित्र पर फीस जमा करा सकेंगे। कॉलेज में कोई रसीद अथवा प्रमाण पत्र जमा नहीं होंगे।
1 जुलाई से पढ़ाई
कॉलेज शिक्षा आयुक्त प्रदीप बोरड़ ने बताया कि सभी सरकारी कॉलेज में स्नातक पार्ट द्वितीय, तृतीय और स्नातकोत्तर उत्तर्रार्² में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू होगी। राज्य सरकार के आदेशानुसार यह तिथि लागू की जाएगी। सभी कॉलेज को विद्यार्थियों की दुर्घटना बीमा कार्रवाई तत्काल करनी होगी।
परीक्षा को होने वाला है एक साल, कब निकलेगा परिणाम
रक्तिम तिवारी/अजमेर. आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2018 की मुख्य परीक्षा की पहली वर्षगांठ आने वाली है। सालभर से राजस्थान लोक सेवा आयोग, हाईकोर्ट और सरकार के बीच 'ÓपरिणामÓ फुटबॉल बना हुआ है। आयोग के इतिहास में यह पहली आरएएस भर्ती है जो दो साल में भी पूरी नहीं हो पाई है।
राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने पिछले साल अप्रेल में आरएएस प्रारंभिक परीक्षा-2018 के प्रश्न संख्या 11 और 22 को हटाने सहित नए सिरे से परिणाम जारी करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ राजस्थान लोक सेवा आयोग ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के आदेशानुसार 25 और 26 जून को आरएएस मुख्य परीक्षा का आयोजन किया गया था।
Updated on:
21 Jun 2020 07:38 am
Published on:
21 Jun 2020 07:37 am
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