
पुष्कर पालिका की भूमि व कर शाखा में दो खिड़कियों के बीच मे तीसरी खिडक़ी हटाकर रविवार को लगाया गया विवादित द्वार।
पुष्कर (अजमेर). नगरपालिका परिसर के दो कार्यालयनुमा कमरों के पूर्व में बंद किए गए दरवाजे दुबारा खोलने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। एक ओर जहां नगरपालिकाध्यक्ष कमल पाठक इस कार्रवाई को पुष्कर सौन्दर्यता उपविधियां 91 का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं वहीं पालिका के ईओ अभिषेक गहलोत का कहना है कि राजकीय लोक कार्यालय के इस कार्य में कानून का उल्लंघन नहीं है।
पालिकाध्यक्ष पाठक ने अपने पूर्व कार्यकाल में पालिका कार्यालय की सरकारी सूचनाएं लीक होने, गोपनीयता भंग होने की लगातार शिकायतें मिलने के बाद भूमि शाखा के कार्यालय के चौक की तरफ खुले दरवाजे बंद करा दिए थे। हाल ही हुए पालिका चुनाव के बाद कांगे्रस पार्षदों ने बंद किए गए दरवाजें खोलने की मांग की। इस पर पाठक ने पुष्कर सौन्दर्यकरण उपविधियां 91 का हवाला देते हुए ईओ गहलोत को यूओ नोट जारी कर दिया तथा किसी प्रकार का निर्माण, परिवर्तन कराने से पूर्व जिला कलक्टर की अनुमति लेने के निर्देश दिए थे।
फिर खोल दिए दरवाजे
यूओ नोट मिलने के बाद सहायक अभियंता पारस जैन व कमल शर्मा सहित तीन सदस्यीय कमेटी से इस संबध में रिपोर्ट मांगी गई। ईओ गहलोत की मानें तो कमेटी ने पालिका को राजकीय लोक कार्यालय बताते हुएदरवाजे खोलने की अभिशंसा कर दी। उसकी पालना में रविवार को अवकाश समय में पूर्व में बंद किए गए भूमिशाखा कार्यालय का दरवाजा दुबारा लगा दिया गया तथा खिडकी हटा दी गई।
इनका कहना है
पालिका कार्यालय घाट किनारे है तथा परिसर मे तोडफ़ोड़ या रद्दोबदल करने से पूर्व जिला कलक्टर से स्वीकृति लेने के लिए ईओ को यूओ नोट जारी कर दिया था। इससे पालिका की गोपनीयता भंग होगी। आमजन का सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप बढेगा।
-कमल पाठक, अध्यक्ष पुष्कर नगर पालिका
यूओ नोट मिलने के बाद जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर कार्यालय के बंद किए गए दरवाजे दुबारा खोले गए हैं। पालिका कार्यालय राजकीय लोक कार्यालय है इसमें कोई कानून का उल्लंघन नही किया गया है।
- अभिषेक गहलोत, ईओ पुष्कर नगर पालिका
Published on:
12 Jan 2020 11:29 pm
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