आपत्तियां व सुझाव जुलाई के प्रथम सप्ताह तक दिए जा सकेंगे
अजमेर. गोवंश या भैंस पालन के लिए नगर निगम की ओर से पशुपालकों के लिए पिछले माह बाइलॉज का ड्राफ्ट जारी कर मांगे गए सुझाव और आपत्तियों पर निगम के पार्षद ने ही आपत्ति जताई है। आपत्तियां व सुझाव जुलाई के प्रथम सप्ताह तक दिए जा सकेंगे।
पार्षद ने जताई आपत्ति
निगम के वार्ड 4 के पार्षद ज्ञान सारस्वत ने उपविधि का ड्राफ्ट और तय किए गए मानक साधारण सभा में लाए बगैर जारी करने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जारी किए गए मानक तो निगम की गोशालाएं व कांजी हाउस भी पूरा नहीं करते।
पशुपालकों के लिए नहीं इंतजाम
नगर निगम अथवा राज्य सरकार ने गोकुल ग्राम, मिल्कमैन काॅलोनी अथवा पशुपालकों के लिए व्यवस्था नहीं कर रखी है। इसके लिए पशुओं को अपने स्थान से बाहर ना छोड़ने की शर्त पर उत्पादन व विक्रय की अनुमति दी जानी चाहिए। लाइसेंस फीस भी 100 रुपए प्रति पशु या 1000 रुपए प्रति पशुपालक रखी जानी चाहिए।
इनका जिक्र ही नहीं. . .
पशुओं की श्रेणी में घोड़े, गधे, सुअर, श्वान आदि भी आते हैं। जबकि शहर में अलग-अलग नस्ल के श्वान तो बड़ी संख्या में घरों में पाले जाते हैं। जिनके लिए कोई प्रावधान नहीं है। जिनकी लाइसेंसिंग के कोई मानक तय नहीं किए गए हैं। केवल दुग्ध उत्पादन वाले पशु गाय-भैंस के लिए लाइसेंस या शास्ति करना तर्कसंगत नहीं है।आमजन पर होगा असर
शहर में हजारों पशुपालक दूध बेचने का काम करते हैं। वे अपने आसपास ही लोगों को दूध देते हैं। ऐसे में नगर निगम की ओर से मानक लागू करने पर लोगों को दूध मिलने में दिक्कत होने के साथ ही दाम भी बढ़ेंगे।