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- बारिश से क्षतिग्रस्त हुआ था नवनिर्मित मकान
- बीमा कंपनी को 25 लाख रुपए क्षतिपूर्ति देनी होगी
अजमेर. भारी वर्षा से नवनिर्मित मकान को पहुंचे नुकसान का क्लेम खारिज करने के मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग की सर्किट बैंच, अजमेर ने नागौर जिला उपभोक्ता आयोग के निर्णय को बरकरार रखा है। सर्किट बेंच की तीन सदस्यीय पीठ ने चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील 25 हज़ार रुपए ‘कॉस्ट’ पर खारिज कर दी। नागौर जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने निर्णय में बीमा कंपनी को दोषी मानते हुए मकान को हुए नुकसान की राशि 25 लाख तथा उस पर अक्टूबर 2020 से 9 प्रतिशत ब्याज और 10 हजार रुपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया था।
यह था मामला
मेड़ता निवासी रविंद्र सोनी ने बैंक ऑफ़ बड़ौदा से 19 लाख 50 हजार का ऋण लेकर मेड़ता सिटी में मकान बनाया था। 6 अगस्त 2019 को मेड़ता में भारी बारिश से घर के आसपास जलभराव से जमीन धंस गई। मकान में दरारें आने से मकान रहने लायक नहीं रहा। इंजीनियरिंग फर्म तथा पीएचडी से नुकसान का आंकलन कर क्लेम प्रस्तुत किया। कंपनी ने 20 मार्च 2020 को घटिया किस्म का निर्माण बताकर क्लेम खारिज कर वर्षा से संपत्ति को हुआ नुकसान पॉलिसी की शर्तों में शामिल नहीं बताया।
बीमित ने पेश किया 25 लाख का दावापरिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग नागौर में परिवाद प्रस्तुत कर 25 लाख रुपए हर्जाने की मांग की। जिला उपभोक्ता आयोग नागौर द्वारा बीमा कम्पनी को सेवा में कमी का दोषी मानने पर चोलामंडल बीमा कंपनी ने नागौर जिला आयोग के निर्णय की अपील राज्य उपभोक्ता आयोग सर्किट बैंच अजमेर में की ।
राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष देवेंद्र कच्छावाहा सदस्य उर्मिला वर्मा तथा लियाकत अली ने अमित गांधी द्वारा प्रस्तुत अपील में कंपनी को क्लेम राशि देने के लिए उत्तरदायी मानकर अपील 25 हज़ार रुपए हर्जाने (कॉस्ट) पर खारिज कर दी।
Updated on:
12 Jan 2025 10:56 pm
Published on:
12 Jan 2025 10:55 pm
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