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भूपेन्द्र सिंह
अजमेर. राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 में जिले को 43 ग्राम पंचायतों gram panchayats, की सौगात तो बेशक दी, लेकिन उन्हें खुद का ठिकाना नहीं मिल सका है। जिससे ग्राम पंचायतो ंके विधिवत और व्यवस्थित संचालन में दिक्कत आ रही हैं। नई ग्राम पंचायतों में से कुछ आगंनबाड़ी anganwadi केन्द्र तो कु छ पटवारघरों Patwar house से चल रही हैं। जिले में केवल पंचायत समिति मसूदा के खीमपुरा ग्राम पंचायत को ही अभी तक जमीन आवंटित हो सकी है। 18 ग्राम पंचायतों के लिए एसडीएम तथा 23 के लिए कलक्टर के स्तर पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। मसूदा के शिवपुरा घाटा का मामला राज्य स्तर पर लम्बित है। 10 जगहों पर भूमि आवंटन को लेकर आपत्ति दर्ज हो चुकी है। नवसृजित ग्राम पंचायतों के लिए 1 एवं अन्य कार्यालय के लिए 2 एकड़ सहित कुल 3 एकड़ भूमि पंचायत कार्यालय भवन व संबंधित अन्य दफ्तरों के लिए आवंटित की जानी है। 18 ग्राम पंचायतों के लिए एसडीएम तथा 23 ग्राम पंचातों के लिए कलक्टर के स्तर पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। मसूदा के शिवपुरा घाटा का मामला राज्य स्तर पर लम्बित है। जबकि 10 जगहों पर भूमि आवंटन को लेकर आपत्ति दर्ज हो चुकी है। नवसृजित ग्राम पंचायतों के लिए 1 एकड़ एवं अन्य कार्यालय के लिए 2 एकड़ कुल 3 एकड़ भूमि पंचायत कार्यालय भवन व अन्य ऑफिसों के लिए आवंटित की जानी है।
नहीं मिलेगी वित्तीय सहायता
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायतों के भवन निर्माण के लिए कोई अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं करवाई जाएगी। भवनों का निर्माण 15 वें वित्त आयोग मद,महात्मा गांधी नरेगा योजना तथा अन्य विभागीय योजनओं से कन्वजेंस के तहत किया जाए। जिन ग्राम पंचायत मुख्यालय पर रिक्त/ अनुपयोगी भवन उपलब्ध हैं वहां पर उन भवनों का रख रखाव विस्तार किया जाएगा।
जिले में यह हैं नवसृजित ग्राम पंचायतें
अजमेर में 43 नवसृजित ग्राम पंचायतें है। इनमें काकलवाड़ा,देवपुरा, गणेशपुरा, गोविंद पुरा,लसाडिय़ा, पाखरियावास, ठिकराना महेन्द्रतान, फतेहगढ़ सल्ला, शाहपुरा, बाडिय़ा भाऊ, भैरूखेड़ा, सातुखेड़ा,कोहडा, निमोद,नायकी,मानखंड, भिलावट, मोतीपुरा, खीमपुरा, देवमगरी,उत्तमी, मानपुरा, शिवनगर, शिवपुराघाटा,केवसरपुरा,मेवाडिय़ा,अलीपुरा, जिलावड़ा, ताजपुरा,जडाना,कल्याणपुरा,भाटोलाव, सुनारिया,अरवड़,सदापुर,चांदमा,गोपालपुरा, सराना,बांसेली,भांडावास,आमली,सदारी,नया गांव मीणा तथा बाढ़ का झोपड़ा हैं।
अधूरी है ग्राम सचिवालय की अवधारणा
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने जिला कलक्टरों को निर्देश दिए है कि राज्य में नव सृजित 1456 नवीन ग्राम पंचायतों के लिए भवन की व्यवस्था की जाए। ग्राम पंचायत स्तरीय कार्यालयों को एक ही परिसर में स्थापित किया जाए ताकि आम जनता को सुविधा हो सके तथा ग्राम सचिवालय की अवधारणा पूर्ण हो सके। नवसृजित ग्राम पंचायतों के लिए के भवन ावन व अन्य ऑफिसों के लिए 3 एकड़ भूमि आवंटित करने की कार्यवाही करें। भवन के मानचित्र का निर्धारण मुख्यालय द्वारा किया जा रहा है। जिन स्थानों पर रिक्त राजकीय भवन हों नवसृजित ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए चिन्हित कराए।
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Published on:
16 Jul 2020 08:13 am
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