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Crisis: इंजीनियरिंग कॉलेज में संकट, सैलेरी के लिए नहीं बजट

वित्तीय समस्याओं को देखते हुए सरकार को तत्काल कार्मिकों को सरकारी सेवा में समायोजन करना चाहिए।

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engineering college ajmer

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अजमेर.

राज्य में बीकानेर, अजमेर सहित कई इंजीनियरिंग कॉलेज के हाल खराब हैं। शिक्षकों-कार्मिकों को वेतन-भत्तों के लिए कॉलेज के पास बजट नहीं है। कहीं सात तो कहीं एक महीने से वेतन नहीं मिला है। इस मामलो में कार्मिकों ने तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजे हैं।

राजस्थान अभियांत्रिकी महाविद्यालय शिक्षक संघ (रेक्टा) के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज में सात और अजमेर के इंजीनियरिंग कॉलेज स्टाफ को 1 मीने से वेतन नहीं मिला है। अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज में भी बजट और वेतन-भत्तों को लेकर समस्याएं बढ़ रही हैं। सभी कॉलेज सोसायटी के तहत संचालित हैं। वित्तीय समस्याओं को देखते हुए सरकार को तत्काल कार्मिकों को सरकारी सेवा में समायोजन करना चाहिए। इस दौरान डॉ. के.जी.शर्मा, डॉ आलोक खत्री, डॉ. गणपत सिंह और अन्य मौजूद थे।

नहीं हो पाया समायोजन
तत्कालीन भाजपा सरकार ने अजमेर सहित कुछ इंजीनियरिंग कॉलेज के सरकारी समायोजन का फैसला किया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। सेल्फ फाइनेंसिंग स्कीम में संचालित महिला इंजीनियरिंग कॉलेज में सरकारी फीस भी लागू नहीं की गई है।

इधर चल रहे एडमिशन, उधर ऑनलाइन क्लास की फांस....

अजमेर. बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के टाइम टेबल से इंजीनियरिंग कॉलेज की परेशानियां बढऩा तय हैं। इसके मुताबिक प्रथम वर्ष की ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जानी हैं। जबकि पूरे राज्य में खाली सीट पर सीधे प्रवेश जारी हैं। यह प्रक्रिया 12 नवम्बर तक चलेगी। इससे नव प्रवेशित विद्यार्थियों को पढ़ाई का नुकसान होगा।

राज्य के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रथम वर्ष में सीट खाली हैं। राजस्थान और बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध लगभग 80 इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक की 12 हजार से अधिक रिक्त सीटों पर सीधे प्रवेश जारी हैं। विद्यार्थी 11 नवंबर तक आवेदन कर सकेंगे। वरीयता सूची और सीट आवंटन 12 नवंबर को होगा। भरी केवल 50 प्रतिशत सीटरीप-2020 के कोर्डिनेटर संदीप कुमार के मुताबिक राज्य के सरकारी एवं प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में 50 प्रतिशत बीटेक सीटों पर प्रवेश हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण के कारण एआईसीटीई के दिशा-निर्देश पर राज्य के विद्यार्थियों को उच्च तकनीकी संस्थानों में स्पॉट राउंड के माध्यम से प्रवेश लेने का अंतिम अवसर दिया गया है।