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सवाईमाधोपुर के साइबर ठगों को अजमेर में किया गिरफ्तार

ऑपरेशन साइबर शील्ड :ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर बनाते हैं ठगी का शिकार, महाराष्ट्र, यूपी में भी आरोपियों के खिलाफ दर्ज हैं शिकायतें
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अजमेर

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Manish Singh

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Updated: 20 Jan 2025, 3:19 AM IST

सवाईमाधोपुर के साइबर ठगों को अजमेर में किया गिरफ्तार

साइबर थाना पुलिस की गिरफ्त में आए ऑनलाइन ठगी की वारदात अंजाम देने वाले गिरोह के गुर्गे।

अजमेर(Ajmer News). साइबर थाना पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड में प्रतिबिम्ब पोर्टल पर दर्ज हुई शिकायत के आधार पर सवाईमाधोपुर के दो साइबर ठगी के आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है। आरोपी अजमेर में हाउसिंग सोसायटी में रहकर सोशल मीडिया पर झूठे विज्ञापन डालकर लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते थे। तीनों के खिलाफ साइबर ठगी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस उप अधीक्षक (साइबर थाना) हनुमान सिंह ने बताया कि साइबर ठगी की रिपोर्ट के आधार पर शनिवार रात सवाई माधोपुर चौथ का बरवाड़ा गिरधरपुरा निवासी विनोद मीणा (23), रामसिंहपुरा निवासी कालूराम मीणा उर्फ सुमित (22) को दबोचा। उनसे चार मोबाइल, 3 एटीेएम कार्ड, लग्जरी कार और साढ़े 31 हजार नकदी बरामद की। विनोद और कालूराम ऑनलाइन निवेश के नाम से सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर विज्ञापन पोस्ट कर लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते हैं। साइबर थाना पुलिस ने उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 318(4), 66डी आईटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने रविवार दोपहर उन्हें अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया।

यूपी-महाराष्ट्र में दर्ज हैं प्रकरण

सीओ सिंह ने बताया कि राज्य स्तर पर संचालित ऑपरेशन साइबर शील्ड में प्रतिबिम्ब पोर्टल पर जनवरी 2025 में दर्ज संदिग्ध नम्बरों की सूची में एक मोबाइल नम्बर सामने आया। मोबाइल नम्बर महाराष्ट्र व यूपी में दर्ज शिकायतों में था। इसका इस्तेमाल वारदात के समय अजमेर में इस्तेमाल हुआ। पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नम्बर को ट्रेक करते हुए साइबर थाना टीम ने एक होम्स सोसायटी से दो संदिग्धों को दबोचा। पुलिस ने उन्हें लग्जरी कार में मिले बैग से मोबाइल फोन चलाते पकड़ा।

यों बनाते हैं ठगी का शिकार

पुलिस पड़ताल में आया कि आरोपियों के मोबाइल में सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म इन्सटॉल पाए गए। आरोपियों ने इन पर लोगों से इन्वेस्टमेंट करवाने के लिहाज से ग्रुप बनाए थे। पड़ताल में आया कि विनोद व कालूराम उर्फ सुमित साइबर ठगी संबंधी विज्ञापन पोस्ट कर यूपीआई/क्यूआर कॉड के माध्यम से लोगों से निवेश राशि फ्रॉड बैंक खातों में डलवाकर ठगी का शिकार बनाते हैं।

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