
सतत विकास में आंकड़ों की भूमिका होती है महत्वपूर्ण: एडीएम
धौलपुर. प्रोफेसर प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस के 129वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में 16वें सांख्यिकी दिवस का जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। अध्यक्षता कर रहे कार्यवाहक जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह तौमर ने सम्भागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रोफेसर प्रशान्त चन्द्र ने सांख्यिकी के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दिया। उन्होंने मानव सभ्यता के विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब ईश्वर ने जन्म के समय कोई भेदभाव नहीं किया, मानव को एक जैसा बनाया तो उनके जीवन में समानता के साथ-साथ हर क्षेत्र में विकास के समान अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सतत विकास में आंकड़ों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। आंकड़ों के आधार पर ही सरकार आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर, पिछड़े एवं वंचित वर्गोंं के कल्याण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन करती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर सरकार आमजन को स्थायी आजीविका, सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक रूप से समावेशी और गरीबी मुक्त जीवन प्रदान करने के लिए अनेक योजनाओं का संचालन किया जाता है। उनके द्वारा विकसित सैंपल सर्वे के लिए याद किया जाता है। इस विधि के अंतर्गत किसी बड़े जनसमूह से लिए गए नमूने सर्वेक्षण में शामिल किए जाते हैं और फिर उससे मिले निष्कर्षों के आधार पर विस्तृत योजनाएं बनाई जाती हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी चेतन चौहान ने कहा कि पूरे देश में सांख्यिकी व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है। साख्यिकी हमारे जीवन पर अभिन्न अंग है। देश एवं राज्य के सभी जिले का अपना-अपना प्लान होता है। उसी प्लान के तहत सांख्यिकी आर्थिक एवं सामाजिक का मूल्यांकन किया जा सकता है। मुख्य आयोजना अधिकारी अशोक शर्मा ने कहा कि सांख्यिकी एक जटिल विषय है। लेकिन, हमारे जन्म से मरण तक के आंकड़ों को संरक्षित रखता है। सहायक निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग रामप्रकाश ने कहा कि योजना तैयार करने में सांख्यिकी की अहम भूमिका रहती है। इस अवसर पर महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र कृष्णावतार शर्मा सहित सभी सांख्यिकी अधिकारी उपस्थित रहे।
Updated on:
1 Jul 2022, 1:36 AM IST
Published on:
1 Jul 2022, 1:36 AM IST
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