
मासूम सांवरा। फाइल फोटो- पत्रिका
मांगलियावास। आवारा कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल डेढ़ माह के सांवरा की मंगलवार सुबह अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया। परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पोस्टमार्टम के लिए पुन: शव लाने की सूचना दी, जिससे पीड़ित परिवार में रोष है।
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बालक की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव सुपुर्दगीनामा बनाकर परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन पुष्कर स्थित सावित्री माता पहाड़ी की तलहटी में स्थित श्मशान में अंतिम संस्कार कर लौट आए थे। इसके पश्चात अस्पताल प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कहते हुए परिजनों से संपर्क कर शव वापस लाने को कहा। इस पर परिजनों ने शव सुपुर्द करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए वापस मंगाने पर नाराजगी जताई।
अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार सुबह तीन बार (8:49, 8:52 और 9:09 बजे) कॉल कर बालक के पिता मकराम भोपा को शव वापस लाने के लिए कहा। हालांकि तब तक अंतिम संस्कार हो चुका था। इसके बाद पुलिस के माध्यम से भी परिजनों को थाने बुलाया गया। इस पर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
रास थाना क्षेत्र के ग्राम भीमगढ़, हाल निवास ग्राम कालेसरा (पीसांगन) के पीड़ित मकराम भोपा का परिवार फूस की झोंपड़ी बनाकर रह रहा है। परिवार के पास आधार कार्ड के अलावा कोई अन्य दस्तावेज नहीं है, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
बता दें कि जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के शिशुरोग विभाग की आईसीयू में भर्ती डेढ़ माह के सांवरा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। चिकित्सक पिछले चार दिन से उसे बचाने की कोशिशों में जुटे हुए थे। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविन्द खरे ने बताया कि सांवरा को गंभीर हालत में जेएलएन अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के पेट की ऊपरी परत पूरी तरह फट चुकी थी और आंतें बाहर आ गई थीं। शरीर पर कई जगह कुत्ते के दांत और पंजों के निशान थे। उसके शरीर में संक्रमण फैल चुका था, जिससे वह रिकवर नहीं कर सका।
शिशुरोग विभाग की सर्जन गरिमा अरोड़ा व डॉ. लखन पोसवाल की टीम ने सांवरा के जख्मों का उपचार किया। उनका कहना था कि जब बालक के पेट का ऑपरेशन किया गया, तब उसकी धड़कन बहुत धीमी थी और ब्लड प्रेशर इतना कम था कि रिकॉर्ड भी नहीं हो पा रहा था। लीवर भी कम काम कर रहा था। इसके बावजूद उसका ऑपरेशन किया गया। सोमवार रात को धड़कन रुकी तो सीपीआर देकर उसे रिकवर किया गया, लेकिन सुबह धड़कन अचानक बंद हो गई।
Updated on:
29 Apr 2026 02:40 pm
Published on:
29 Apr 2026 02:40 pm
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