
dead body found
नसीराबाद/ देरांठू।
सदर थानान्तर्गत ग्राम धोलादांता मगरी से गत दिनो गुमशुदा हुए युवक का शव नसीराबाद-कोटा भीलवाड़ा मार्ग पर एक सूखी हुई नाडी में क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला। शव मिलने के बाद शनिवार सुबह धोलादांता मगरी व आस-पास के क्षेत्रों से आए समाज के लोगों ने सदर थाने पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया तथा शव लेने से इन्कार कर दिया। बाद में पुलिस की ओर से एक महिला व दो युवकों सहित तीन जनों को हिरासत में लिए जाने के बाद ग्रामीणों ने शव ले लिया।
नाड़ी में शव पड़ा होने की जानकारी वहां से गुजर रहे एक ग्वाले ने ग्रामीणों को दी। इस पर ग्रामीणों ने ग्वाले के बताने पर वहां जाकर देखा तो शव भटियानी ग्राम पंचायत के ग्राम धोलादांता मगरी निवासी रामधन रेगर के पुत्र रमेश का था।
मौके पर शव से दुर्गंध आ रही थी। मृतक का चेहरा बुरी तरह जख्मी था एवं गुप्तांग भी कटा हुआ था। इस पर उन्होंने सदर थाना पुलिस को सूचित किया। सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर नसीराबाद के राजकीय सामान्य चिकित्सालय की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया। पुलिस ने मृतक के बड़े भाई विनोद की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर युवक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया।
भटियानी ग्राम पंचायत के मंगरी गांव निवासी रमेश रेगर अपने गांव के निकट चार दिन पूर्व अमावस्या 13 जून को अपने मित्रों के साथ ताशपत्ती खेल रहा था। इस दौरान किसी अन्जान मोबाइल नंबर से मृतक के मोबाइल पर फोन आया एवं नसीराबाद बाईपास कोटा चौराहे के निकट मृतक को बुलाया। मृतक रमेश ताशपत्ती खेल छोड़कर बाइपास की और चला गया। शाम तक मृतक के घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो उठे। जब रात भर रमेश घर नहीं पहुचा तो 14 जून को मृतक की पत्नी मैना ने नसीराबाद सदर थाने मे रमेश रेगर की गुमशुदगी दर्ज करा दी।
मृतक के पुत्र को मिली थी धमकी
मृतक के पुत्र पप्पू ने बताया कि बीती रात उसके पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था और उसने उसे उठा लेने की धमकी दी थी। वहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गत 5 वर्ष पूर्व ग्राम धोलादांता मगरी निवासी कालू मृतक के भाई पारसमल को गाड़ी पर ले जाने के लिए आया था और उस समय वह उसे साथ ले गया था लेकिन कालू तो गांव लौट गया और उसका भाई पारसमल आज तक नहीं मिला। इस संदर्भ में मृतक रमेश ने जरिए न्यायिक इस्तगासा कालू के विरूद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया था। लेकिन इस प्रकरण में कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की गई।
थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कालू व हंसराज पर रमेश की हत्या करने का अंदेशा जताया है और जब तक पुख्ता कार्रवाई नहीं हो शव लेने से मना कर दिया। जानकारी मिलते पूर्व विधायक महेंद्र सिंह गुर्जर एएसडीएम वीरेंद्र सिंह यादव, पुलिस उप अधीक्षक मोटाराम बेनीवाल ए प्रशिक्षु आईपीएस नविता, सदर थाना सी आई जोगेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाइश की। लेकिन ग्रामीण शव नहीं ले जाने पर अड़े रहे। इस पर पुलिस ने ग्राम मगरी से कालू व हंसराज को हिरासत में लेकर थाने ले आए। तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने युवक का शव लिया।
महिला को लिया हिरासत में
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब सदर थाना पुलिस कालू व हंसराज को हिरासत में लेने के लिए मगरी गांव रवाना हुई इस बीच ग्रामीणों की भीड़ में आई एक महिला सोहनी ने मोबाइल पर फोन कर अपने किसी परिचित को कालू व हंसराज को हिरासत में लेने आने की बात कही। यह बात पास ही खड़े किसी बच्चे ने सुन ली और उसने यह बात ग्रामीणों को बता दी।
इस पर ग्रामीण उस महिला पर आग बबूला हो गए। मामला बिगड़ता देख पुलिस ने उस महिला को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। मामले में एफ एस एल टीम को बुलवा मौके के फुटेज सहित अन्य जांच की जा रही है तथा रास्ते में जहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हे उनकी भी तलाश कर उनके भी फुटेज खंगाले जा रहे है। मृतक रमेश के पांच भाई तथा दो पुत्र एवं एक पुत्री है। साथ ही मृतक एवं उसकी पत्नी हाइवे कोटा चौराहे स्थित र्ईंट भट्टे पर लगभग 20 वर्षों से ईंट थापने सहित मजदूरी का काम करते थे।
Published on:
18 Jun 2018 10:10 am
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