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Dholpur : पुलिस के हाथ लगी डकैत पप्पू गुर्जर की डायरी

साथियों और संपर्क रखने वालों को चिह्नित करने में जुटी पुलिस

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Dholpur : पुलिस के हाथ लगी डकैत पप्पू गुर्जर की डायरी

Dholpur : पुलिस के हाथ लगी डकैत पप्पू गुर्जर की डायरी

धौलपुर.

चंबल बीहड़ के बसई डांग थाना क्षेत्र के गांव करुआपुरा में पुलिस और डकैत पप्पू गुर्जर गिरोह में गत दिनों हुई मुठभेड़ के बाद चलाए तलाशी अभियान में पुलिस को पप्पू गुर्जर की एक डायरी हाथ लगी है। वहीं, सोमवार को तीसरे दिन जिला पुलिस अधीक्षक ने पुलिस दल के साथ डकैत पप्पू की तलाश में अभियान जारी रखा। पुलिस के एक दल को तलाश के लिए करौली जिले के मासलपुर क्षेत्र के जंगलों में रवाना किया गया है।

पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि पुलिस दल और डकैत पप्पू गिरोह में मुठभेड़ करुआपुरा में हुई थी। इस दौरान पप्पू व उसका गिरोह पुलिस दल पर फायरिंग कर फरार हो गए। पुलिस ने मौका मुआयना करते हुए साक्ष्य जुटाए।

इसमें उसकी एक डायरी पुलिस के हाथ लगी है। इसमें खेत संबंधित हिसाब-किताब के अलावा लोगों से लेनदेन का भी लेखा है। पुलिस ने डायरी के आधार पर कुछ नामों को चिह्नित किया है, जो पप्पू और उसके गिरोह से संपर्क में हैं। पुलिस ने इन्हें चिह्नित करने का कार्य शुरू कर दिया है।

एसपी कच्छावा ने बताया कि डकैत से संपर्क रखने वालों पर निगाह रखने के लिए पुलिस की विशेष टीमें बनाई गई हैं।शरण देने वाले हिरासत मेंएसपी कच्छावा ने बीहड़ क्षेत्र में चलाए सर्च अभियान के दौरान ऐसे लोगों को चिह्नित किया है, जो डकैत पप्पू व उसके साथियों को शरण, राशन व अन्य सामान की व्यवस्था करते हैं।

पुलिस ने शरण देने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। इनसे पप्पू और उसके गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। तलाशी अभियान जारीडकैत पप्पू और पुलिस दल की मुठभेड़ के बाद बीहड़ क्षेत्र में शुरू किया गया तलाशी अभियान सोमवार को भी जारी रहा। एसपी के नेतृत्व में पुलिस ने डांग क्षेत्र के करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों में घर-घर जाकर तलाशी ली और डकैत गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई।

डांग के गांवों में जगन से ज्यादा पप्पू का खौफ

डांग क्षेत्र के गांव के अपराध के आंकडों पर नजर डालें तो डकैत जगन से ज्यादा पप्पू का खौफ है। पप्पू गुर्जर का बाहर बने रहना उसके डकैत भाइयों के लिए वरदान साबित हो रहा है। कुख्यात डकैत जगन अधिकांश आपराधिक मामलों में गवाह व साक्ष्यों के अभाव में बरी हो चुका है।

इन सब के पीछे जगन के छोटे भाई पप्पू गुर्जर का गवाहों को धमकाने और साक्ष्य मिटाने में अहम योगदान रहता है। डकैत पप्पू गुर्जर पर करीब 50 हजार रुपए का इनाम घोषित है। इसके तहत सीआईडी (सीबी) जयपुर की ओर से 15 हजार, उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से 5 हजार, करौली पुलिस की ओर से एक हजार, भरतपुर पुलिस की ओर से पांच सौ रुपए, अपराध शाखा जयपुर की ओर से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया हुआ है।