14 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना से जीता धौलपुर ‘ Ó हुए केस

- अप्रेल में संक्रमण की रफ्तार तो मई में बढ़ा मौतों का आंकड़ा, जून में नहीं हुई एक भी मौत जिले में शुक्रवार को सुकून भरी खबर आई है। जिले में कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं रहा है। वहीं जुलाई माह में एक भी नया केस नहीं आया है। जिले में २४ अप्रेल २०२० को पहला केस सामने आया था, इसके बाद डेढ़ साल बाद यह पहला मौका है, जब एक भी केस नहीं है, यानि जिला कोरोना मुक्त हो गया है।

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Dilip Sharma

Jul 10, 2021

किसी को नहीं मिला मृत्यु प्रमाण पत्र तो किसी के दस्तावेज एसडीएम कार्यालय में उलझे

किसी को नहीं मिला मृत्यु प्रमाण पत्र तो किसी के दस्तावेज एसडीएम कार्यालय में उलझे

धौलपुर. जिले में शुक्रवार को सुकून भरी खबर आई है। जिले में कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं रहा है। वहीं जुलाई माह में एक भी नया केस नहीं आया है। जिले में २४ अप्रेल २०२० को पहला केस सामने आया था, इसके बाद डेढ़ साल बाद यह पहला मौका है, जब एक भी केस नहीं है, यानि जिला कोरोना मुक्त हो गया है। यह सब प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा आमजन की जीत है। जिनके भरपूर सहयोग से यह संभव हुआ है।

अप्रेल में संक्रमण ने फैलाए पैर, मई में हुई सबसे अधिक मौत

जिले में मार्च २०२१ तक सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था, लेकिन जैसे ही अप्रेल माह आया तो कोरोना संक्रमण ने भी पैर फैलाने शुरू कर दिए। पहले जहां २० से २२ तक केस आने शुरू हुए, वहीं अप्रेल मध्य के बाद यह आंकड़ा ४०० तक जा पहुंचा। ऐसे में जिले में लोग दहशत में आ गए, वहीं चिकित्सालय में भी भर्ती होने वालों की संख्या बढऩे लगी। वहीं मई माह में संक्रमण की रफ्तार कम हुई, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढऩे लगा।
अप्रेल में जहां संक्रमित मरीजों की संख्या ४१९४ रही तो मौतों की संख्या तीन पर ही रही। वहीं दूसरी ओर मई माह में संक्रम्रण की दर में गिरावट दर्ज की गई। पूरे माह में २९५७ मरीज सामने आए, लेकिन मौतों का आकड़ा एकाएक बढ़ गया। जिले में एक माह में १६ मौत दर्ज की गई। हालांकि जून माह में राहत की बात रही। इस दौरान पूरे जून माह में केवल ३४ मरीज ही सामने है, लेकिन जुलाई माह में ९ जुलाई तक एक भी मरीज नहीं आया है। बल्कि एक्टिव केसों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई और ९ जुलाई को एक्टिव केस की संख्या ० पर पहुंच गई।

कैसे हुआ संभव
जिले में जैसे-जैसे संक्रमण की रफ्तार बढ़ती गई तो जिला प्रशासन ने नमूनों की जांच में वृद्धि कर दी। जहां अधिक संक्रमण फैल रहा था, वहां टीम गठित कर मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर नमूने लिए गए और तुरंत संदिग्धों को क्वारंटीन किया गया। वहीं ऑक्सीजन, दवाइयों की उपलब्धता में वृद्धि कर अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान बचाई। इसमें पूरा प्रशासनिक अमला, स्वास्थ्य विभाग की टीम के अलावा शिक्षा, महिला एवं बाल विकास के अलावा राजस्व, पंचायत राज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी जुटे रहे।

ग्रामीण क्षेत्र में जहां मौतों का आंकड़ा बढ़ा, वहां पर सामान्य मौत पर भी कोरोना प्रॉटोकला के तहत ही अंतिम संस्कार किया गया। साथ ही जांच बढ़ाने पर कोरोना संक्रमित मिले। कोरोना पर लगाम लगाने में कामयाबी मिली। दो राज्यों के बीच फंसा था धौलपुर धौलपुर जिला राजस्थान के अंतिम छोर पर तो है ही, मध्यप्रदेश तथा उत्तरप्रदेश से भी सटा हुआ है। ऐसे में आगरा तथा मुरैना-ग्वालियर में संक्रमण तथा मौत की दर अधिक होने के कारण धौलपुर में भी संक्रमण की आशंका रहती है। जिले के अधिकांश व्यापार यूपी व एमपी पर ही निर्भर है। साथ ही नाते-रिश्तेदारी भी दोनों ही प्रदेश में है। ऐसे में आवागमन निरंतर बना रहता है।
आंकड़ों में संक्रमण..

माह पॉजिटिव मौत

अप्रेल ४१९४ ३

मई २९५७ १६

जून ३४ ०

जुलाई ०० ००

कुल ११००४ ४८ (अब तक)
इनका कहना है

जिले में जन सहभागिता से ही कोरोना की जंग जीती गई है। फिर भी लोगों को सावधान रहना होगा।

राकेश कुमार जायसवाल, जिला कलक्टर, धौलपुर।