
पुलिस गिरफ्त में आए 50-50 हजार के इनामी दिनेश-हनुमान
अजमेर(Ajmer news). रूपनगढ़ हत्याकांड और फायरिंग की वारदात में जिला पुलिस को आखिर कामयाबी हाथ लग गई। प्रकरण में अब तक फरार 50-50 हजार रुपए के इनामी दिनेश चौधरी और हनुमान जाट पुलिस की गिरफ्त में आ गए। मामले में पुलिस जल्द पर्दा उठाएगी। पुलिस प्रकरण में अब तक बलवाराम जाट की पत्नी समेत 20 आरोपियों व 2 विधि से संघर्षरत किशोर को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जानकारी अनुसार रूपनगढ़ हत्याकांड व फायरिंग की वारदात में फरार चल रहे बलवाराम जाट के भांजे और मुख्य आरोपी दिनेश चौधरी और उसके साथी हनुमान जाट को प्रकरण में गठित स्पेशल टीम ने दबोच लिया है। पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर रवाना हो गई है। अजमेर पहुंचने पर जिला पुलिस की ओर से खुलासा किया जाएगा। वारदात में दिनेश चौधरी व हनुमान जाट अहम कड़ी है। रूपनगढ़ में जमीन पर कब्जा कर रहे लोगों पर फायरिंग की वारदात दिनेश चौधरी के कहने पर अंजाम दी गई थी। हालांकि वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने गत 2 अक्टूबर को दिनेश चौधरी के तीन 50-50 हजार के इनामी साथियों समेत चार सहयोगियों को गिरफ्तार किया था।
दिनेश के हत्थे चढ़ने के बाद वारदात की आखरी कड़ी हाई सिक्योरिटी जेल में भंवर सिनोदिया हत्याकांड में सजा काट रहे बीआरसी ग्रुप के सरगना बलवाराम जाट की गिरफ्तारी होगी। दिनेश से पड़ताल के पश्चात ही पुलिस दिनेश और उसके साथियों के जेल में कैद बलवाराम जाट के सम्पर्क सूत्रों को खंगालेगी। गौरतलब है कि प्रकरण में गिरोह के सरगना बलवाराम जाट के उकसावे पर फायरिंग और हत्या की वारदात को अंजाम देना सामने आया था।
पुलिस उप महानिरीक्षक अजमेर रेंज ओमप्रकाश ने वारदात में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रेंज की विशेष टीम का गठन करते हुए स्पेशल ऑपरेशन चलाया गया। अलग-अलग टीम में अजमेर के अलावा नागौर व टोंक जिला पुलिस से बुलवाए पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया। साइबर सेल के एक्सपर्ट व नागौर से आए एसआई विजयसिंह रावत व उनकी टीम ने मुख्य आरोपियों को दबोचने में कामयाबी हासिल की जबकि अन्य टीम ने उनके सहयोगी साथियों को दबोचा।
गत 22 सितम्बर को रूपनगढ़ किशनगढ़ रोड पर ग्राम पंचायत की ओर से जारी पट्टे पर जमीन पर कब्जा कर रहे लोगों को बलवाराम के गुर्गे नाहरसिंह उर्फ नारू जाट ने काम रोकना चाहा। निर्माण करा रहे लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। बलवाराम के उकसावे पर दिनेश चौधरी व उसके साथी हथियार से लैस होकर पहुंचे। फायरिंग में श्रमिक शकील की मौत हो गई जबकि ठेकेदार नारायण जख्मी हो गया। जीवण खां उर्फ कालू ने बलवाराम समेत 11 आरोपियों को नामजद करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया।
-23 सितम्बर को डीआईजी व एसपी ने चार आरोपी दिनेश चौधरी, हनुमान जाट, पुखराज जाट व नरेश जाट पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया।
-24 सितम्बर को वारदात में शामिल पांचवे व फायरिंग का आरोपी राजवीर सिंह उर्फ फौजी को चिह्नित करते हुए 50 हजार का इनाम घोषित किया।25 सितम्बर को डीआईजी ओमप्रकाश ने प्रकरण में अजमेर रेंज की स्पेशल टीम गठित करते हुए 12 टीमें तलाश में रवाना की।
27 सितम्बर को वारदात में लिप्त बीआरसी ग्रुप के नन्दालाल उर्फ नन्दा जाट, रामदेव मेघवाल, अर्जुनलाल जाट, कमलेन्द्र उर्फ कैलाश जाट, आसम खां, मुकेश जाट को पकड़ा। जबकि षड़यंत्र में शामिल रामजीलाल, रतनललाल, नरेन्द्र व शिवराज जाट को गिरफ्तार किया।30 सितम्बर को पुलिस की टीम ने बलवाराम जाट की पत्नी पार्वती जाट, रामदयाल जाट, श्रीराम जाट व दो नाबलिग को निरूद्ध किया।
2 अक्टूबर को 50-50 हजार के इनामी राजवीर सिंह उर्फ फौजी भूरिया, पुखराज जाट व नरेश जाट को पकड़ा। इसके अलावा सहयोगी विकास जाट, दीपेन्द्र जाट, विजेन्द्र जाट व रामनिवास जाट को गिरफ्तार किया।
Published on:
05 Oct 2024 11:02 am
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