चिकित्सालय के डॉ. आर. के. जोशी, डॉ. सुधीर माहेश्वरी, डॉ. प्रफुल्ल क्षत्रिय, स्वयं प्रभारी आर. के. गुप्ता सहित चार डॉ. डयूटी के अलावा समय में अपने क्वार्टर में बैठकर रोगियों को देखते हैं तथा रोगियों से अपने-अपने तरीके से फीस वसूल करते हैं। डॉ. मीनाक्षी धाकड़ पर अन्यत्र प्रेक्टिस करने का आरोप है। जबकि सरकारी रिकॉर्ड में इन प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों की ओर से प्रतिमाह क्वार्टर में प्रेक्टिस नहीं देने का अंडरटेकिंग देकर नॉन प्रेक्टिस अलाउन्स की राशि का भुगतान उठाकर सरकार व चिकित्सा विभाग को प्रतिवर्ष लाखों रुपए का चूना लगाना उजागर हुआ है।