21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अतीत का जिक्र और भविष्य की नहीं करें फिक्र’

वर्षायोग निष्ठापन समारोह पर आचार्य विवेक सागर के प्रवचन समय जीवन की सार्थकता का सूत्र है। यह बात आचार्य विवेक सागर ने मंगलवार को पंचायत छोटा धड़ा नसियां में वर्षायोग निष्ठापन समारोह के दौरान कही।

less than 1 minute read
Google source verification

अजमेर

image

Dilip Sharma

Nov 14, 2023

अतीत का जिक्र और भविष्य की नहीं करें फिक्र'

अतीत का जिक्र और भविष्य की नहीं करें फिक्र'

समय जीवन की सार्थकता का सूत्र है। यह बात आचार्य विवेक सागर ने मंगलवार को पंचायत छोटा धड़ा नसियां में वर्षायोग निष्ठापन समारोह के दौरान कही। उन्होंने कहा कि व्यक्ति समय का उपयोग या तो अतीत की स्मृतियों में खोए रहकर अथवा भविष्य के सपनों को देखकर करता है। यह समय का सदुपयोग नहीं दुरुपयोग है। जीवन में अतीत का जिक्र और भविष्य की फिक्र नहीं करनी चाहिए। जब विचार बदल जाते हैं तो आचरण बदलने में देर नहीं लगती।कार्यक्रम में पवन बढ़ारी ने मंगलाचरण किया। दीप प्रज्ज्वलन विजय सोगानी, पाद पक्षालन श्रेयांश ढिलवारी, सुनील खटोड़, शास्त्र भेंट प्रेमचंद बड़जात्या, मोतीचंद गदिया ने किया। अनिल गदिया, अजय दोसी, प्रो. सुशील, नीरज पाटनी, राजेन्द्र पाटनी सहित अन्य पुण्यार्जक परिवार को वर्षायोग मंगल कलश प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन लोकेश ढिलवारी व नरेन्द्र गोधा ने किया।

अतीत का जिक्र और भविष्य की फिक्र नहीं

यह समय का सदुपयोग नहीं दुरुपयोग है। जीवन में अतीत का जिक्र और भविष्य की फिक्र नहीं करनी चाहिए। जब विचार बदल जाते हैं तो आचरण बदलने में देर नहीं लगती।