अमरीका में हिंदी सिखा रहे अजमेर के डॉ. मोक्षराज

Ajmer News - America : अंग्रेजी भाषा के वर्चस्व के इस युग में जहां भारत में राष्ट्रभाषा हिंदी उपेक्षा की शिकार है। वर्ष में सिर्फ एक बार हिंदी दिवस मना कर मातृभाषा की महत्ता का गुणगान कर लिया जाता है और बाकी पूरे साल इसे बिसरा दिया जाता है। भारत के जो सरकारी विभाग हिंदी पखवाड़े को केवल औपचारिकता मात्र मानते हैं उन्हें अमरीका स्थित भारतीय राजदूतावास के हिंदी प्रचार कार्यक्रम से सीख लेनी चाहिए।

By: Yuglesh kumar Sharma

Published: 14 Sep 2019, 03:08 AM IST

अजमेर. अमरीका (America) की राजधानी वॉशिंगटन डीसी स्थित भारत के राजदूतावास में न केवल हिंदी (hindi) की नि:शुल्क कक्षाएं संचालित हो रही हैं बल्कि यहां 12 देशों के 100 से अधिक छात्र हिंदी सीखने में रुचि दिखाई है। खास बात यह है भी कि अजमेर (ajmer) के डॉ. मोक्षराज इन दिनों अमरीका में हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दे रहे हैं। वे विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में अग्रणी जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के द एलीयट स्कूल ऑफ इन्टरनेशनल अफेयर्स विभाग में 7 देशों के 47 छात्रों को हिंदी भाषा की बुनियादी शिक्षा दे चुके हैं और इन दिनों वे जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी में भी स्नातक व अधिस्नातक के छात्रों को हिंदी पढ़ा रहे हैं।

इन कक्षाओं के संबंध में जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रशासन द्वारा एंबेसडर को लिखे गए धन्यवाद पत्र में भी उनके शिक्षण कौशल की विशेष प्रशंसा की है। यही कारण है कि अमेरिकन यूनिवर्सिटी एवं भारतीय समुदाय के लोग भी उनसे हिन्दी सीखने के लिए अपनी इच्छा व्यक्त कर चुके हैं।

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पहनावा भी स्वेदेशी

डॉ. मोक्षराज अमरीका स्थित भारतीय राजदूतावास में नियुक्त पहले सांस्कृतिक राजनयिक हैं। अमरीका में भी वे स्वदेशी पहनावा ही पहन रहे हैं। साथ ही उनके खान पान और आचार-विचार में भी कोई परिवर्तन नहीं आया। उन्होंने बताया कि पुत्री मोक्षिता व पुत्र अनिमेष के लिए हिंदी में ही बात करने एवं वेदमंत्रपूर्वक संध्या करने का नियम बना हुआ है।

Yuglesh kumar Sharma Reporting
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