28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सभी की जिंदगी की जंग जिताते खुद हार गए डॉ. वर्मा

डॉक्टर्स डे पर विशेष राजाखेड़ा के दिवंगत ब्लॉक मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ महेश वर्मा को याद कर उनके साथियों और उनके मरीजों की आंखे भी आज आंसूओं से भर आती है। डॉ. वर्मा कोरोना की पहली लहर में ही लोगों को सुरक्षित रखने के सफल प्रयासों के बीच स्वयं कोरोना से संक्रमित हो गए। 7 सितंबर 2020 को जयपुर में खुद अपनी जिंदगी की जंग हार गए।

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Dilip Sharma

Jul 01, 2021

सभी की जिंदगी की जंग जिताते खुद हार गए डॉ. वर्मा

सभी की जिंदगी की जंग जिताते खुद हार गए डॉ. वर्मा

राजाखेड़ा.राजाखेड़ा के दिवंगत ब्लॉक मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ महेश वर्मा को याद कर उनके साथियों और उनके मरीजों की आंखे भी आज आंसूओं से भर आती है। डॉ. वर्मा कोरोना की पहली लहर में ही लोगों को सुरक्षित रखने के सफल प्रयासों के बीच स्वयं कोरोना से संक्रमित हो गए। 7 सितंबर 2020 को जयपुर में खुद अपनी जिंदगी की जंग हार गए। डॉ. वर्मा ने चिकित्सा पेशे के लिए जहां नए आयाम स्थापित किए वहीं कोरोना मरीजो के बीच समर्पित रहकर अन्य चिकित्सको को भी अपने पेशे के प्रति नई परिभाषा दी वह भी तब ,जब कि कोरोना मरीज का नाम सुनकर अन्य चिकित्साकर्मी अपनी जिंदगी को खतरा मानकर मरीज से दूर से भी बात करने में डर महसूस करता था।

'चिकित्सक हूं मेरा धर्म है हौसला देना Ó
डॉ वर्मा से मृत्यु पूर्व ही कवरेज के दौरान पत्रिका संवाददाता ने बिना सुरक्षा मरीजों से नजदीक से बात करने पर चेताया ओैर पी पी ई किट पहनने को कहा तो डॉ वर्मा ने कहा कि में चिकित्सक हूं, कोरोना संक्रमित रिपोर्ट आते ही बुरी तरह घबरा जाता है। ऐसे में दिलासा देने से अगर वह ठीक हो जाता है तो ही मेरा कर्तव्य पूरा होता है। इसी कर्तव्य को पूरा करते करते वे दुनिया को अलविदा कह गए।

उन्होंने अपना धर्म निभाया ..
कोरोना काल मे डॉ वर्मा ने बिना किसी डर 18 ,18 घंटे नियमित कार्य किया। लंच - ब्रेक फ़ास्ट नहीं किया। उनसेसभी ने समर्पण सीखा। कहते कहते उनकी अधीनस्थ चिकित्साकर्मी अंजना की आंखे भर आयीं। डॉ. वर्मा ने सेवा का अर्थ समझाया

उनके इलाज से सही हुए दुर्गा ने बताया कि वे मरीज को आधा तो बातों से ही सही कर देते थे और आधा नाम मात्र की दवाओं से। जब भी सेवा की बात चलेगी डॉ वर्मा की बात पहले चलेगी
हर बार जीत का निशान

डॉ वर्मा अपने हर मरीज को सही होने पर विक्ट्री साइन दिखा कर विदा करते थे और यह उनकी पहचान बन गया था । लेकिन लोगों को जिताते जिताते वो जीवट खुद हार गया। सरल स्वभाव और अभुतपुर्व प्रतिभा के धनी, हमारे पूर्व ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कोरोना के विरुद्ध युद्ध मे जाना, राजाखेडा क्षेत्र के लिए ही नही बल्कि समूर्ण चिकित्सजगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है।
डॉ शिवसिंह मीणा राजाखेड़ा चिकित्सा प्रभारी, राजाखेड़ा