मसूदा (अजमेर). भीषण गर्मी के चलते जिले के मसूदा क्षेत्र के गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों को पांच रुपए देकर एक मटकी पानी खरीदना पड़ रहा है। मसूदा क्षेत्र के कई गांवों में पानी की भयंकर किल्लत है। ग्रामीण गांव में लगे हैंडपंप को दुरुस्त कराने को लेकर जलदाय विभाग को कई बार लिखित व मौखिक शिकायत कर चुके हैं, इसके बावजूद विभाग कोई सुध नहीं ले रहा है। वहीं बीसलपुर योजना से होने वाली पेयजल सप्लाई भी बन्द कर दी। इससे ग्रामीणों को मजबूर होकर पीने के एक मटकी पानी पांच रुपए देकर खरीदनी पड़ रही है। पूर्व में विभाग ने रामपुरा गांव में खराब पड़े 12 हैंडपम्पों में से 2 हैंडपम्प को सुधार कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। जिससे ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ हैंडपम्पों में भरपूर पानी है लेकिन पाइप कम होने से उनका उपयोग नहीं हो पा रहा। बैरवा बस्ती, रूपाणा टैंक के पास लगे हैंडपम्पों में काफी मीठा पानी है। लेकिन इनमें पाइप बढ़ाने से पानी की समस्या पर काफी हद तक समाधान हो सकता है। लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
कनेक्शन काटने ने नाम पर की सप्लाई बंद
ग्रामीणों ने बताया कि बीसलपुर परियोजना से पानी सप्लाई करने के लिए रामपुरा गांव में पानी की टंकी बनी हुई है, लेकिन विभाग ने लाइन में हो रखे अवैध कनेक्शनों को हटाने के नाम पर गांव की पेयजल सप्लाई करीब 3 माह पूर्व बंद कर दी, जिसके बाद ना तो विभाग द्वारा कनेक्शन काटे जा सके और ना ही पेयजल सप्लाई शुरू की गई, इससे ग्रामीणों के साथ-साथ ग्राम के मवेशियों को भी पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।