
पालिका से भुगतान नहीं होने पर ठेकेदार ने जेसीबी से खोदी अपनी बनाई सडक़
बाड़ी. बाड़ी में मंगलवार को एक ठेकेदार ने पालिका की ओर से कार्य का भुगतान नहीं करने पर अपने ही किए गए निर्माण कार्य को जेसीबी से उखाड़ दिया। ठेकेदार ने बताया कि नगर पालिका द्वारा भुगतान नहीं करने से बेहद परेशान है। जिसके चलते उसने अपने द्वारा बनाए गए नाले और भरे गए गड्ढो को फिर से खोद दिया।
चहेतों को मिलता है भुगतान- केके शर्मा
ठेकेदार केके शर्मा ने बताया कि उन्हें एडीजे कोर्ट के सामने, चंद्रशेखर आजाद गेट की बगल से, कोतवाली के सामने गड्ढे भरने के लिए मौखिक तौर पर आदेश दिए गए थे। जिसकी पालना करते हुए उन्होंने सारा काम कर दिया, लेकिन जब भुगतान करने की बात आई तो सारे अधिकारी और कर्मचारी उसे घूमाते रहे। परेशान ठेकेदार ने बताया कि नगरपालिका का हाल बेहद ही खराब है। यहां पर सभी अधिकारी कर्मचारी आपस में मिलकर ठेकों की बंदरबांट करते हैं। उसका काम तकरीबन डेढ़ महीने पहले ही पूरा हो चुका है, जिसे लेकर कई बार पैमाइश करवा चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं दिया है। ठेकेदार ने यहां तक आरोप लगाया कि जिनके साथ पैसों की डील हो जाती है, उन्हीं का पेमेंट और उन्हीं के कोटेशन भरे जाते हैं। ठेकेदार ने कहा कि कई ठेकेदार और अधिकारी-कर्मचारी तथा राजनीतिक नुमाइंदों की आपसी सांठगांठ है कि परेशान ठेकेदार आवाज उठाने तक से डरते हैं। पालिका में कई ऐसे ठेकेदार हैं, जिनका मोटा पैसा आज भी फंसा है, लेकिन ऐसे लोगों के विरुद्ध आवाज उठाने से डरते हैं।
ठेकेदार-पालिका की लड़ाई में ***** रही जनता
नगरपालिका के काम से तो संपूर्ण बाड़ी कस्बा पूरी तरह वाकिफ है। ऐसे में यदि कोई काम हो भी जाता है तो उस पर ठेकेदार और पालिका की जंग छिड़ जाती है। जिसका खमियाजा जनता को उठाना पड़ता है। जिन गड्ढों को पीडि़त ठेकेदार द्वारा भरा गया था, वह आम जनता के लिए काफी पीड़ादायक थे। जिन्हें लंबे समय के बाद ठीक किया गया था, लेकिन आपसी लड़ाई के चलते परेशानी को फिर से जनता के सामने ला खड़ा किया गया है।
फाइलों में लोगों को घुमाना कर्मचारियों का बाएं हाथ का खेल
पीडि़त ठेकेदार और अन्य भुक्तभोगी व्यक्तियों ने बताया कि नगरपालिका में सबसे बड़ा मकडज़ाल बाबूओं के हाथ में है, जो फाइलों के चक्कर में लोगों को इस तरह से परेशान कर देते हैं कि वे या तो काम ही को भूल जाते हैं या फिर अपने द्वारा लगाए गए पैसों को अपनी जमा पूंजी से भरना ही उचित समझते हैं।
इनका कहना है
ऐसा कुछ नहीं है। ठेकेदार के बिल बना कर भुगतान कराया जाएगा और स्टाफ द्वारा उक्त ठेकेदार के कार्योंं के बारे में डिटेल में जानकारी जुटाई जा रही है।रामजीत सिंह, कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, बाड़ी।
Published on:
23 Mar 2022 01:07 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
