
e-wallet in rpsc
अजमेर.
हजारों अभ्यर्थियों को डिजिटल ई-वॉलेट का इंतजार है। राजस्थान लोक सेवा आयोग पिछले डेढ़ साल से कोई फैसला नहीं ले पाया है। सुविधा शुरू होगी या नहीं फिलहाल इस पर असमंजस कायम है।
केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय अकादमिक संग्रहण केंद्र’ योजना के अन्तर्गत सभी शैक्षिक संस्थानों, भर्ती एजेंसियों, विश्वविद्यालयों-कॉलेजों को शैक्षिक दस्तावेजों का डिजिटल डाटा बैंक बनाने का निर्देश दिया है। इसमें अभ्यर्थियों के शैक्षिक रिकॉर्ड, परीक्षाओं में अर्जित अंक, विद्यार्थियों की डिग्री, डिप्लोमा, अंकतालिकाएं, प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज डिजिटल प्रारूप में उपलब्ध रहेंगे। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने भी दिसंबर 2017 में इसकी योजना बनाई थी।
वन टाइम रजिस्ट्रेशन की शुरुआत
आयोग ने इस बार भर्तियों के आवेदन के साथ वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) की शुरुआत की है। अभ्यर्थियों को पंजीयन नम्बर मिलेगा। आयोग इन पंजीकृत नम्बर से अभ्यर्थियों का सभी ब्यौरा रखेगा। मालूम हो कि आयोग ने संस्कृत शिक्षा विभाग में प्राध्यापक (विद्यालय), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में फिजियोथेरेपिस्ट, माध्यमिक शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अध्यापक विशेष शिक्षा, व्याख्याता सारंगी, माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक, महिला अधिकारिता विभाग में संरक्षण अधिकारी, नियोजन विभाग में सहायक नगर नियोजक, राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती सेवा) और प्राविधिक शिक्षा विभाग में भर्तियों के विज्ञापन मांगे हैं।
कब बनेगा डिजिटल वॉलेट?
आयोग ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन के अलावा आधार नम्बर भरवाने की शुरुआत की थी। इससे अभ्यर्थियों के ई-वॉलेट तैयार किए जाने थे। सुविधा के तहत प्रत्येक वॉलेट में अभ्यर्थियों द्वारा अर्जित अंक, परीक्षा और शैक्षिक दस्तावेज ई-प्रारूप में उपलब्ध रखे जाने हैं। लेकिन डेढ़ साल से ई-वॉलेट प्रस्ताव को लेकर कोई प्रगति नहीं हुई है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. आर.एस. गर्ग का पिछले साल 1 मई को कार्यकाल पूरा हुआ था। इसके बाद से प्रस्ताव कागजों में बंद हैं।
Published on:
10 May 2019 08:44 am
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