
ada
अजमेर. शहर व आसपास के एरिए में अजमेर विकास प्राधिकरण ada की भूमियों पर बेतहाशा अतिक्रमण encroachment हो रहे हैं। प्राधिकरण अतिक्रमण हटाने की बजाय केवल नोटिस notice जारी करने तक ही सीमित नजर आ रहा है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्राधिकरण अधिकारी व कर्मचारी सड़क किनारे गुमटियां व झाडिय़ां व बाड़े ही हटाकर अपनी पीठ थपथपाते नजर आते हैं। प्राधिकरण के जोन उत्तर में 224 अतिक्रमण के मामले सामने आए हैं। जबकि जोन उत्तर में 101, पुष्कर में 11 तथा किशनगढ़ जोन में अतिक्रमण के 11 मामले सामने आए। प्राधिकरण ने इन मामलों को धारा 67 के तहत दर्ज करते हुए नोटिस जारी किए। वहीं 17,30,31,32 में 38 मामले अतिक्रमण को लेकर दर्ज किए गए।
सड़कों के किनारे हो रहे कब्जे
प्राधिकरण के अन्तर्गत आने वाले 118 गावों में भूमि पर अतिक्रमण, मिट्टी की खुदाई,पत्थर की खुदाई तो आम है। बेखौफ अतिक्रमी प्राधिकरण की मुख्य मार्गों की भूमि पर भी कब्जा कर रहे हैं। आरपीएससी के सामने प्राधिकरण की भूमि पर अवैध बस स्टैंड का संचालन, दुकानें व ढाबों का संचालन हो रहा है। पूर्व में यहां प्राधिकरण का नया भवन बनाए जाने की योजना बनाई थी।
योजना क्षेत्र में भी काबिज
अजमेर विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में अतिक्रमण हो रहे हैं। पृथ्वीराज नगर, डीडीपुरम, ई-ब्लॉक तथा महाराणा प्रताप नगर योजना में अतिक्रमण हुए हैं। इसके कई आवंटियों को कब्जा देने में भी मुश्किलें आ रही हैं।
कहीं कच्चा तो कहीं पक्का निर्माण
प्राधिकरण क्षेत्र में अतिक्रमी पहले पत्थर, झाडिय़ां रखकर तथा बाड़े बनाकर जमीन पर कब्जा करते हैं। बाद में यहां मलबा डालकर झोपड़ी व धार्मिक स्थान का निर्माण कर लिया जाता है। आजकल अतिक्रमण का नया ट्रेंड शुरू करते हुए अवैध डेयरी बूथ का निर्माण कर लिया जाता है।
न गश्त न रिपोर्ट
अतिक्रमण रोकने के लिए प्राधिकरण के पास अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सब इंसपेक्टर, कांस्टेबल व होमगार्ड का दस्ता है। ये दस्ता न तो योजना क्षेत्र में गश्त करता है और न ही रिपोर्ट ही तैयार की जाती है। पुलिस कर्मी पार्किग तथा रिसेप्शन संभालते नजर आते हैं। पूर्व में एडीए पुलिसकर्मी द्वारा परिसर में ही एक कार में जूते की दुकान संचालितक कर जूते बेचे जा रहे थे।
टास्क फोर्स भी कर रही खानापूर्ति
प्राधिकरण आयुक्त गौरव अग्रवाल के निर्देश पर अतिक्रमियों से निपटने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टास्क फोर्स का अध्यक्ष एडीए सचिव को बनाया गया है। जबकि प्राधिकरण की पुलिस विंग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,सम्बन्धित जोन उपायुक्त,पुलिस सब इंस्पेक्टर तथा जोन तहसीलदार को शामिल किया गया है। टास्क फोर्स सम्बन्धित पटवारी/ भू-अभिलेख निरीक्षक,कनिष्ठ अभियंता को साथ लेकर कार्रवाई करनी होगी। हालांकि टास्क फोर्स के गठन के बाद भी अतिक्रमण के मामले में बड़ी कार्रवाई का इंतजार है।
Published on:
24 Feb 2020 08:55 pm
